भारतीयों के लिए अमेरिका में नई मुसीबत: अब एच-1बी पर नई चोट की तैयारी, रि-एंट्री पर लग सकता बैन

Edited By Updated: 03 Sep, 2026 01:26 PM

us plan to scrap 60 day grace period for h 1b visas is yet another blow to india

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजाधारकों को नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की राहत खत्म करने की तैयारी में है। प्रस्ताव अभी अंतिम नियम नहीं बना है। भारतीय पेशेवरों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है, क्योंकि एच-1बी स्वीकृतियों में भारतीय...

Washington: अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एच-1बी वीजाधारकों को नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन तक की राहत खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, यह बदलाव अभी लागू नहीं हुआ है और प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मौजूदा व्यवस्था के तहत नौकरी खत्म होने के बाद पात्र एच-1बी कर्मचारियों को सामान्य तौर पर अधिकतम 60 दिन या उनके अधिकृत रहने की अवधि खत्म होने तक अमेरिका में रहने का मौका मिलता है। इस दौरान वे नई नौकरी तलाश सकते हैं, नए नियोक्ता के जरिए वीजा संबंधी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं या अपनी स्थिति बदलने की कोशिश कर सकते हैं।

 

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने 60 दिन की इस वैकल्पिक राहत को खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव अगस्त में राष्ट्रपति कार्यालय के नियामकीय समीक्षा विभाग तक पहुंचा और समीक्षा के बाद आगे बढ़ा है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि अभी यह कानून नहीं बना है। प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से जारी किया जाना, लोगों से राय लेना और उसके बाद अंतिम नियम तैयार करना बाकी है। तब तक मौजूदा 60 दिन की व्यवस्था जारी रहेगी। अगर प्रस्ताव मौजूदा रूप में अंतिम नियम बन जाता है, तो नौकरी खत्म होने के बाद विदेशी कर्मचारियों के पास अमेरिका में बने रहने के लिए बहुत कम समय हो सकता है। नई नौकरी के लिए नया नियोक्ता वीजा संबंधी जरूरी आवेदन दाखिल कर सकता है। इसके अलावा कर्मचारी अपनी आव्रजन स्थिति बदलने या अमेरिका छोड़ने की तैयारी कर सकता है।यानी नौकरी छूटने की स्थिति में पहले मिलने वाली 60 दिन की सुरक्षा समाप्त होने से भारतीय पेशेवरों पर तुरंत फैसला लेने का दबाव बढ़ सकता है।

 

भारतीयों पर पड़ेगा ज्यादा असर
इस प्रस्ताव को लेकर भारतीय पेशेवरों में इसलिए ज्यादा चिंता है क्योंकि एच-1बी व्यवस्था में भारत सबसे बड़ा लाभार्थी देश है। वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत एच-1बी याचिकाओं में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी करीब 71 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि अगर 60 दिन की राहत खत्म होती है तो इसका बड़ा असर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूसरे कुशल पेशेवरों पर पड़ सकता है। भारतीय कर्मचारियों के लिए समस्या सिर्फ नौकरी जाने तक सीमित नहीं है। रोजगार आधारित स्थायी निवास की श्रेणियों में भारतीय आवेदकों को लंबे समय से प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऐसे में कई भारतीय एच-1बी कर्मचारी वर्षों तक अमेरिका में नौकरी करते रहते हैं और स्थायी निवास की प्रक्रिया का इंतजार करते हैं।

 

नौकरी जाने की स्थिति में 60 दिन की राहत उन्हें नई नौकरी या वैकल्पिक कानूनी रास्ता खोजने का महत्वपूर्ण समय देती है। ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों में लगातार बदलाव के बीच एच-1बी वीजाधारकों के लिए अनिश्चितता बढ़ी है। एच-1बी कर्मचारी की नौकरी जाने का असर केवल भारतीय कर्मचारी तक सीमित नहीं रहता। उनके साथ अमेरिका में रहने वाले परिवार के सदस्यों की पढ़ाई, घर, बीमा और दूसरी व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। 2017 में लागू हुई 60 दिन की राहत खत्म होने पर परिवारों को नौकरी जाने के तुरंत बाद अमेरिका में रहने या वापस लौटने को लेकर तेजी से फैसला करना पड़ सकता है।

 

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