बदले की आग में जल रहा अमेरिका; ईरान के दो तेल टैंकरों पर किया अटैक, 100 सैन्य ठिकाने भी निशाने पर

Edited By Updated: 02 Sep, 2026 05:37 PM

u s strikes iran tankers under new tanker for tanker policy

अमेरिका ने होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के जवाब में ईरान के दो तेल टैंकरों और करीब 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए। दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं और कई घटनाओं की स्वतंत्र...

Tehran:  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर भड़क गया है। अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला करने के साथ ही करीब 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। अमेरिकी कार्रवाई को होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने 'टैंकर के बदले टैंकर' की रणनीति के तहत यह कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान की समुद्री और सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर हमले किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ईरानी तेल टैंकर ईरान के तट के पास अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी रेखा के उत्तर में लंगर डाले हुए थे। अमेरिकी ड्रोन ने टैंकरों को निशाना बनाया और उनके इंजन कक्षों पर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।

 

100 सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई का दावा
अमेरिका का कहना है कि उसके हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी दावे के मुताबिक, हमलों में वायु रक्षा केंद्र, रडार प्रणालियां, समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता, संचार केंद्र, जहाज रोधी क्रूज मिसाइल प्रक्षेपक व हमलावर ड्रोन प्रक्षेपण केंद्र को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि इस कार्रवाई से ईरान की समुद्री हमले की क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।  अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने करीब 25 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।दावा किया गया कि इनमें से लगभग आधी मिसाइलें ही जॉर्डन के हवाई क्षेत्र तक पहुंच सकीं। जॉर्डन ने कथित तौर पर 10 मिसाइलों को हवा में नष्ट कर दिया, जबकि तीन मिसाइलें बिना किसी बड़े नुकसान के जमीन पर गिरीं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने बहरीन, कुवैत और इराक के एरबिल में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। ईरान की ओर से दो दर्जन से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागे जाने की बात कही गई है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इनमें से बड़ी संख्या में हथियारों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।


 
अमेरिका का  दावा
तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिका ने दावा किया कि मंगलवार को करीब 40 जहाज लाखों बैरल तेल लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने में कामयाब रहे। इन जहाजों को अमेरिकी सैन्य बलों की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। अमेरिका का कहना है कि ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई से वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा कम हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई के बाद कम से कम एक महीने तक समुद्री व्यापार के लिए खतरा कम हो सकता है।

 

विवाह समारोह पर हमले का आरोप
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि कुहेस्तक में एक विवाह समारोह अमेरिकी हमले की चपेट में आया, जिसमें आम नागरिकों की मौत हुई।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने इस आरोप को खारिज किया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उसकी सेना जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।
 
 
 

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