Edited By Ramanjot,Updated: 22 Jan, 2026 12:03 AM

बिहार के शेखपुरा जिले में आयोजित बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के दौरान एक बार फिर संगठित नकल और डमी कैंडिडेट का मामला सामने आया है।
नेशनल डेस्क: बिहार के शेखपुरा जिले में आयोजित बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के दौरान एक बार फिर संगठित नकल और डमी कैंडिडेट का मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा युवक पुलिस की सतर्कता में पकड़ा गया। इस पूरे फर्जीवाड़े में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि नेटवर्क की कमान एक महिला के हाथ में होने की बात सामने आई है।
DM स्कूल परीक्षा केंद्र से खुला फर्जीवाड़े का राज
यह कार्रवाई शेखपुरा शहर स्थित डीएम प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर की गई। एसपी बलिराम कुमार चौधरी के अनुसार, परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब उसकी पहचान की गहन जांच की गई तो खुलासा हुआ कि वह असल कैंडिडेट नहीं, बल्कि डमी परीक्षार्थी है।
पकड़े गए युवक की पहचान कुंदन कुमार के रूप में हुई है, जो नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के बेलसर गांव का रहने वाला है। शुरुआत में उसने खुद को आदित्य कुमार बताकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार की सख्त पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों से उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
महिला मास्टरमाइंड चला रही थी पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था। डमी कैंडिडेट को परीक्षा दिलाने में तीन अन्य लोग भी शामिल थे, जिन्हें परीक्षा केंद्र के बाहर से हिरासत में लिया गया।
इस गिरोह की मुख्य सूत्रधार बताई जा रही है सोनल कुमारी (32 वर्ष), जो नालंदा जिले के बिहारशरीफ के खंदकपर मोहल्ले की रहने वाली है। पुलिस का मानना है कि वही पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रही थी। अन्य आरोपियों में राजीव कुमार (नूरसराय, सैदी गांव) और एक वाहन चालक शामिल है।
मोबाइल जांच में कई परीक्षाओं की सेटिंग के सबूत
पुलिस ने सोनल कुमारी का मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी जांच में चौंकाने वाले सबूत मिले हैं— व्हाट्सएप चैट में कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं।अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और संकेत मिले कि यह गिरोह सिर्फ SI परीक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी सक्रिय था।
जांच में यह भी सामने आया कि सोनल कुमारी ने कुंदन कुमार को परीक्षा देने के बदले 30 हजार रुपये देने का सौदा किया था। इसके अलावा यात्रा और अन्य खर्च भी अलग से तय थे।
पुलिस की सख्ती, नेटवर्क की जड़ तक जाने की तैयारी
एसपी बलिराम चौधरी ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर पहले से कड़ी निगरानी थी, उसी का नतीजा है कि यह गिरोह पकड़ा गया। हालांकि, परीक्षा में करीब 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।