Edited By Tanuja,Updated: 10 Mar, 2026 11:30 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति बाधित करता है तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा कठोर हमले करेगा। इस बीच इजराइल ने तेहरान और इस्फहान सहित कई ठिकानों पर बड़े...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका की धमकियों पर ईरान ने कड़ा और सीधा जवाब दिया है। ईरान की शक्तिशाली अर्द्धसैनिक संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps के प्रवक्ता Ali Mohammad Naeini ने कहा कि युद्ध का अंत कब होगा, इसका फैसला अमेरिका नहीं बल्कि ईरान करेगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो अमेरिका उस पर अब तक के मुकाबले 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान Strait of Hormuz में तेल के प्रवाह को रोकने की कोशिश करता है, तो अमेरिका बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। दुनिया के लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल व्यापार इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इस युद्ध के बीच ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव भी हुआ है। पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के मारे जाने के बाद उनके पुत्र Mojtaba Khamenei को नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और कीमतें कुछ समय के लिए 2022 के बाद के उच्चतम स्तर तक पहुंच गईं। इसी बीच इजराइल ने ईरान के कई अहम शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
हमलों में राजधानी Tehran और औद्योगिक शहर Isfahan के सैन्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजराइली सेना का दावा है कि इन हमलों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के ड्रोन मुख्यालय सहित कई अहम सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया गया। लगातार हो रही बमबारी के कारण पश्चिम एशिया में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। कई शहरों से विदेशी नागरिकों का पलायन जारी है और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है।