ईरान युद्ध के बीच भारत ने दिया सहारा, बांग्लादेश भेजी 5000 टन डीजल की पहली खेप

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 01:11 PM

india to supply 5 000 tonnes of diesel to bangladesh

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और तेल संकट के बीच भारत ने बांग्लादेश को बड़ी ऊर्जा राहत दी है। पाइपलाइन समझौते के तहत भारत ने 5,000 टन डीजल की पहली खेप भेजी। समझौते के अनुसार भारत हर साल 1,80,000 टन डीजल पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को आपूर्ति करेगा।

International Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और वैश्विक तेल संकट के बीच भारत ने अपने पड़ोसी देश को बड़ी राहत दी है। भारत ने ऊर्जा सहयोग समझौते के तहत पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 5,000 टन डीजल की पहली खेप भेजी है।यह आपूर्ति भारत की “नेबरहुड फर्स्ट” नीति के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देशों की ऊर्जा जरूरतों में मदद करना है।

 

समझौते के मुताबिक भारत हर साल पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को 1,80,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा।बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के चेयरमैन Mohammad Rezanur Rahman ने बताया कि अभी भेजी गई 5,000 टन की खेप इसी वार्षिक समझौते का हिस्सा है। समझौते के अनुसार शुरुआती छह महीनों के भीतर बांग्लादेश को कम से कम 90,000 टन डीजल भारत से आयात करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दो महीनों के भीतर छह महीने के लिए तय की गई कुल मात्रा का बड़ा हिस्सा बांग्लादेश पहुंचाने की योजना है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि पाइपलाइन के जरिए डीजल आपूर्ति से बांग्लादेश को बड़ा आर्थिक लाभ होगा। इससे परिवहन लागत कम होगी और देश के उत्तरी क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी। यह आपूर्ति ऐसे समय शुरू हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। विश्लेषकों के अनुसार भारत का यह कदम क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और पड़ोसी देशों के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
  


 

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