ट्रंप का बड़ा धमाका: अमेरिका में 50 साल बाद बनेगी पहली ऑयल रिफाइनरी, भारत और रिलायंस को कहा थैंक यू'

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 09:42 AM

trump s big announcement america s first oil refinery to be built in 50 years

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को ऊर्जा के क्षेत्र में सुपरपावर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि टेक्सास के ब्राउनविले (Brownsville) में एक विशाल तेल रिफाइनरी बनाई जाएगी। यह पिछले आधी सदी (50 साल) में...

Donald Trump Oil Refinery Texas Announcement : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को ऊर्जा के क्षेत्र में सुपरपावर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि टेक्सास के ब्राउनविले (Brownsville) में एक विशाल तेल रिफाइनरी बनाई जाएगी। यह पिछले आधी सदी (50 साल) में अमेरिका में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी होगी। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए ट्रंप ने भारत और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के सहयोग की सराहना की और उन्हें थैंक यू कहा है।

ट्रुथ सोशल पर किया एलान: $300 बिलियन का निवेश

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर इस प्रोजेक्ट की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया यह प्रोजेक्ट करीब 300 बिलियन डॉलर (लगभग 25 लाख करोड़ रुपये) के बड़े सौदे का हिस्सा है। इस डील का उद्देश्य अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। इस रिफाइनरी के बनने से टेक्सास और पूरे अमेरिका में हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

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रिलायंस और भारत का कनेक्शन

ट्रंप ने अपने पोस्ट में विशेष रूप से भारत और रिलायंस का नाम लिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स (जामनगर) का संचालन करती है की विशेषज्ञता इस प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभा सकती है। हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह रिफाइनरी भारत के साथ हुए किसी बड़े द्विपक्षीय समझौते (Pact) का हिस्सा है या रिलायंस इसमें मुख्य निवेशक के रूप में शामिल है।

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50 साल बाद क्यों है यह खास?

अमेरिका में पिछले कई दशकों से नई रिफाइनरी बनाने पर पर्यावरण और कानूनी कारणों से रोक जैसी स्थिति थी। 1970 के दशक के बाद से वहां कोई बड़ी नई रिफाइनरी नहीं बनी है। ट्रंप का यह फैसला अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत देश को तेल और गैस के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

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वैश्विक ऊर्जा राजनीति पर असर

अगर रिलायंस और भारत इस प्रोजेक्ट में सीधे तौर पर शामिल होते हैं, तो यह भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इससे न केवल अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर भी भारत का प्रभाव बढ़ेगा।

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