बर्थडे का दिन बना बुरा सपना, दोस्त के मंदिर गई थी; कालकाजी गैंगरे*प पीड़िता ने सुनाई आपबीती

Edited By Updated: 25 Sep, 2026 11:15 AM

birthday turned into a nightmare kalkaji gang ra pe victim recounts her ordeal

दिल्ली के कालकाजी इलाके के एक पार्क में गैंगरेप का शिकार हुई 17 साल की लड़की ने बताया कि पुलिसकर्मी बनकर आए तीन आरोपियों ने उसे और उसके दोस्त को बंदूक और चाकू दिखाकर डराया और फिर बारी-बारी से उसके साथ रेप किया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में पुलिस को...

नई दिल्ली : दिल्ली के कालकाजी इलाके के एक पार्क में गैंगरेप का शिकार हुई 17 साल की लड़की ने बताया कि पुलिसकर्मी बनकर आए तीन आरोपियों ने उसे और उसके दोस्त को बंदूक और चाकू दिखाकर डराया और फिर बारी-बारी से उसके साथ रेप किया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में पुलिस को दिए अपने बयान में लड़की ने बताया कि घटना वाले दिन, यानी 21 सितंबर को उसका जन्मदिन था। वह अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी और उसी शाम बाद में इस्कॉन मंदिर जाने का प्लान था। 

उसके बयान के मुताबिक, वह अपनी बड़ी बहन को बताकर शाम करीब 5 बजे घर से निकली और शाम 5:45 बजे अपने दोस्त के साथ मंदिर पहुंची। पूजा करने के बाद दोनों ने कालकाजी मेट्रो स्टेशन के पास चिप्स और पानी की बोतल खरीदी और फिर गेट नंबर 7 से आस्था कुंज पार्क में दाखिल हुए। उसने कहा, 'मैं इस्कॉन मंदिर भी जाना चाहती थी। मैंने अपने दोस्त से कहा कि हमें पहले थोड़ी देर पार्क में बैठना चाहिए, चिप्स खाने चाहिए और फिर दर्शन के लिए जाना चाहिए।'

लड़की ने बताया कि वे झूले के पास एक बेंच पर बैठे ही थे और चिप्स का पैकेट खोला ही था कि तीन आदमी, जिनकी उम्र उसे 30 से 35 साल के बीच लगी, पीछे से उनके पास आए। उसने कहा, 'उन्होंने तुरंत मेरे दोस्त को पकड़ लिया और उसे थप्पड़ मारा। जब हमने पूछा कि वे कौन हैं, तो उन्होंने कहा, 'हम पुलिसवाले हैं। तुम लोग इस समय यहां क्यों आए हो? यहां आना मना है'।' 

पीड़िता ने बताया कि तीनों आदमियों ने उसे और उसके दोस्त के मोबाइल फोन छीन लिए और फिर उन्हें अलग-अलग कर दिया। डरी हुई लड़की ने आरोपियों से गुहार लगाई कि वे उसके माता-पिता से बात कर लें। उसने कहा, 'मैं बहुत डरी हुई थी। मैंने उनसे कहा, 'सर, आपको जो भी पूछना है, यहीं पूछ लीजिए। मेरी मां से बात कर लीजिए'।' 

उसके बयान के मुताबिक इसके बाद उनमें से एक आदमी ने दूसरे आरोपी को आवाज दी, जिसकी पहचान आसिफ के तौर पर हुई और उससे बंदूक निकालने के लिए कहा। उसने बताया, 'उनमें से एक ने कहा, 'आसिफ भाई, बंदूक निकालो।' आसिफ ने बैंगनी रंग की शर्ट पहनी थी और वह तीनों में सबसे हट्टा-कट्टा था। उसने अपनी जींस की जेब से काले रंग की बंदूक निकाली और वापस जेब में रख ली। फिर उन दोनों ने चाकू निकाले।' 

पीड़िता ने बताया कि इसके बाद वे लोग उसे पार्क के एक सुनसान और अंधेरे हिस्से में ले गए, जहां उन्होंने चाकू दिखाकर बारी-बारी से उसके साथ रेप किया। उसने कहा, 'मैं रो रही थी। मुझे बहुत दर्द हो रहा था।' तीनों लोगों ने उसके कुछ कपड़े वापस कर दिए, उसके दोस्त को उसके पास ले आए और उनके मोबाइल फोन भी लौटा दिए। उसने पुलिस को बताया, 'उन्होंने कहा, 'यहां से जल्दी निकल जाओ, वरना हम तुम्हें मार डालेंगे। और किसी को कुछ मत बताना।'

पीड़िता ने बताया कि वह और उसका दोस्त तुरंत पार्क से निकल गए। बाहर आने पर उसने उसे गैंगरेप के बारे में बताया, जिसके बाद उसने पुलिस को फोन किया। तीनों आरोपियों आसिफ, हेमंत और उसके छोटे भाई मुकेश को मंगलवार को गिरफ़्तार कर लिया गया। हेमंत (एक वकील) और मुकेश (B.Sc. मैथमेटिक्स के फाइनल ईयर का छात्र) को उनके घर से पकड़ा गया, जबकि आसिफ को लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन के पिछले गेट के पास  जो कैंपस से लगभग 50 मीटर दूर है, पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया गया। उसके पैर में गोली लगी थी। तीनों एक-दूसरे को जानते थे क्योंकि वे पार्क के आस-पास ही रहते और काम करते थे और अक्सर वहां मिलते थे। 

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