Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Sep, 2026 11:45 AM

राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर से लापता अडानी रियल्टी के 31 वर्षीय HR मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर से लापता अडानी रियल्टी के 31 वर्षीय HR मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद युवराज के शव को दो दिनों तक कार में ही छुपाकर रखा गया था। मामले में आरोपी पूर्व सहयोगी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है और फिलहाल वे पुलिस रिमांड पर हैं।
पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर को आरोपियों ने युवराज को गुड़गांव के सेक्टर 70 स्थित एक मॉल के पास मिलने बुलाया था। युवराज अपनी कार छोड़कर आरोपियों की गाड़ी में बैठे। कार के भीतर ही कहासुनी हुई और फिर युवराज की हत्या कर दी गई।
शव को करीब 7 घंटे तक गाड़ी में रखा फिर बदला बयान
जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि युवराज की लाश कितने समय तक उनकी कार में रही और उसे नाले में फेंकने से पहले क्या हुआ था, क्योंकि इस बारे में जोड़े के बयान अलग-अलग थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अन्या वत्स और संयम सचदेवा ने शुरू में जांचकर्ताओं को बताया था कि उन्होंने युवराज की लाश को लगभग सात घंटे तक गाड़ी में रखा था। बाद में उनके बयान बदल गए।
आरोपी कार में शव रखकर ठिकाना तलाशते रहे। इस दौरान वे गाड़ी पार्क कर ऑटो और कैब से घूमते रहे ताकि किसी को शक न हो। आखिरकार उन्होंने शव को अपने घर के पास एक नाले में फेंक दिया और उत्तराखंड फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच तीनों एक ही कंपनी में काम करते थे। बाद में युवराज दूसरी नौकरी पर चले गए।
पुलिस ने बताया कि अन्या वत्स और सचदेवा ने कथित तौर पर शामिल रकम के बारे में अलग-अलग बातें बताईं। शुरू में उन्होंने 5 लाख रुपये के विवाद का ज़िक्र किया, लेकिन बाद में यह रकम बदलकर 25 लाख रुपये बता दी। पुलिस इन दावों की जाँच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह विवाद रियल एस्टेट सेक्टर में तीनों के कामकाज से जुड़ा था। अन्या वत्स को कथित तौर पर पैसों की गड़बड़ी के चलते कंपनी से निकाल दिया गया था। इसके बाद अन्या और संयम फ्रीलांसिंग और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने लगे।
इससे पहले भी अन्या और संयम का आपराधिक इतिहास रहा जिसमें से एक पार्लियामेंट स्ट्रीट (दिल्ली) में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने और ग्रेटर नोएडा में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। अधिकारियों ने बताया कि सचदेवा के खिलाफ उनकी पत्नी ने घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था।
शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं
पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवराज की मौत की वजह डूबना बताई गई है। जांच करने वालों ने बताया कि उनके शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं था, जिससे गोली मारे जाने के दावों को खारिज कर दिया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि शव को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह कई दिनों तक पानी में रहा था। पानी में कई दिनों तक रहने के कारण शव काफी खराब हो चुका था।
परिवार को 6 दिन बाद मौत का पता चला
परिवार के अनुसार, 10 सितंबर को शव मिलने के बावजूद उन्हें 16 सितंबर को इसकी सूचना दी गई। युवराज की बड़ी बहन करिश्मा मनचंदा ने कहा, हमारी मां इंतज़ार कर रही हैं कि मैं कुछ लेकर आऊं कुछ भी जिससे युवराज की यादें जुड़ी हों। उसके कपड़े, उसकी घड़ी... या अब, उसकी अस्थियां ही सही। दरअसल, पुलिस ने लावारिस मानकर 14 सितंबर को ही युवराज का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिससे परिवार को अंतिम दर्शन तक का मौका नहीं मिला।
पुलिस अब युवराज की मौत का सही समय, वह समय जब तक उसकी लाश गाड़ी में रही और नाले में फेंके जाने से पहले हुई घटनाओं का क्रम पता लगाने की कोशिश कर रही है।