Edited By Radhika,Updated: 24 Feb, 2026 07:02 PM

रेत माइनिंग के मुद्दे ने इस समय पंजाब की राजनीति में बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर तीखा हमला बोला है और कई गंभीर सवाल उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक,...
जालंधर 24 फरवरी ( विशेष ) आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद मलविंदर सिंह कंग द्वारा राज्य में चल रहे अवैध खनन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखे गए पत्र के बाद भाजपा ने पंजाब सरकार पर हमला बोल दिया है। भाजपा प्रवक्ता आर पी सिंह ने इस मामले की सी बी आई जांच करवाने की मांग की है।
मलविंदर सिंह कंग ने एक निजी टी वी चैनल को दिए आगे इंटरव्यू में पंजाब में अभी भी अवैध खनन होने की बात कबूली थी और और कहा था कि आम आदमी पार्टी के सभी नेता दूध के धुले नहीं है। उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा था कि इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को उन लोगों की लिस्ट भी सौंपी है जो अवैध खनन में शामिल हैं। कंग ने कहा कि 30-40 फुट तक खनन बिना सरकारी मिलीभगत के संभव नहीं है और अब इस अवैध खनन से पुलों और आधार भूत ढांचे को भी खतरा पैदा हो गया है
आर पी सिंह ने इस इंटरव्यू में किए गए खुलासे पर सवाल करते हुए अपने सोशल मीडिया हेंडल एक्स पर लिखा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस के अफसर रहे अरविन्द केजरीवाल चुनाव से पूर्व पंजाब के लोगों को रेत के खनन के जरिए ही 20 हजार करोड़ रूपए की कमाई करने का वादा कर रहे थे लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पंजाब सरकार को रेत से 288 करोड़ रूपए की ही कमाई हुई है जो अरविन्द केजरीवाल के वायदे और असल आंकड़ों में जमीन आसमान के अंतर को दर्शाता है। यह स्पष्ट होना चाहिए कि अवैध खनन के जरिए पंजाब में कौन कौन कमाई कर रहा है और यह कमाई सरकार के पास क्यों नहीं पहुंच रही।
उन्होंने लिखा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में अवैध खनन से हाजाओरन करोड़ रूपए की कमाई की गई और यह राशि कहाँ गायब हुई है। क्या यह पैसा राजनीतिक सरंक्षण में गायब किया गया है और अवैध खनन के जरिए पंजाब में भ्र्ष्टाचार किया गया है ? पंजाब सरकार को इस पर बयानबाजी की बजाय तथ्यों का आडिट करवाना चाहिए और इस मामले में सी बी आई जांच की जानी चाहिए। यदि आम आदमी पार्टी की सरकार अवैध खनन में शामिल ठेकेदारों,अफसरों और नेताओं के खिलाफ जांच कर के कार्रवाई नहीं करती तो पार्टी के ईमानदार प्रशासन देने के दावे झूठी ही समझे जाएंगे।