अधूरी परियोजना के लिए बिल्डर की जमीन को नीलाम किया जाएगा

Edited By Archna Sethi,Updated: 03 Sep, 2022 08:35 PM

builder s land will be auctioned for incomplete project

हरियाणा भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण(रेरा), गुरुग्राम ने आईएलडी बिल्डर को अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए एक समाधान योजना प्रस्तुत करने अथवा अपनी संपति की नीलामी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिये हैं। रेरा गुरुग्राम के अध्यक्ष डॉ. के.के. खंडेलवाल...

चण्डीगढ, 3 सितम्बर- (अर्चना सेठी )हरियाणा भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण(रेरा), गुरुग्राम ने आईएलडी बिल्डर को अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए एक समाधान योजना प्रस्तुत करने अथवा अपनी संपति की नीलामी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिये हैं। रेरा गुरुग्राम के अध्यक्ष डॉ. के.के. खंडेलवाल ने आज गुरूग्राम में घर खरीदारों की याचिकाएं सुनी जो लगभग एक दशक से अपने सपनों के घरों के लिए डिफॉल्टर बिल्डर के साथ निराशाजनक रूप से लड़ रहे हैं। सुनवाई दौरान आईएलडी के प्रमोटर सलमान अकबर भी मौजूद रहे।

 

डॉ. खंडेलवाल ने आईएलडी बिल्डर को गुरुग्राम के सेक्टर-37 सी की अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए एक समाधान योजना प्रस्तुत करने और योजना के अनुसार इकाइयों को आवंटित करने के निर्देश दिये। बिल्डर को चेतावनी देते हुए रेरा अध्यक्ष ने कहा कि परियोजना को किसी भी तरह से पूरा किया जाए अन्यथा वर्ष 2008-09 के बाद से अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए बिल्डर की जमीन, कार्यालय, भूखंड, फ्लैट आदि को नीलाम किया जाएगा। डॉ खंडेलवाल ने पीडि़त खरीदारों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना, जिन्होंने पिछले चार वर्षों से बिल्डर को परियोजना को पूरा करने के पक्ष में प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए आदेशों को लागू करने के लिए प्राधिकरण से संपर्क किया था। आवंटियों ने बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पिछले चार वर्षों के रेरा के आदेशों का पालन न करने की सूचना प्राधिकरण को दी।


डॉ खंडेलवाल ने बिकी, बिना बिकी और गिरवी रखी संपत्तियों का पता लगाने के लिए बिल्डर के दस्तावेजों की भी जांच की और सभी पैसे के लेनदेन को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए। इसके अलावा, उन्होंने रेरा के आदेशों का पालन न करने पर प्रमोटरों को सलाखों के पीछे भी डालने की चेतावनी दी और 7 सितंबर को फाइनल रिजॉल्यूशन प्लान के साथ पेश होने के लिए समन भी जारी किया।यहां यह उल्लेखनीय होगा कि आईएलडी ने वर्ष 2008-09 में गुरूग्राम के सेक्टर 37-सी में छ: टावरों की एक आवासीय परियोजना शुरू की और 192 खरीदारों से 70-80 प्रतिशत राशि एकत्र की और उनसे वादा किया कि वर्ष 2010/11 तक इकाइयों को आवंटियों को सौंप दिया जायेगा। परन्तु आवंटी अभी भी फ्लैटों का कब्जा लेने के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में घूम रहे हैं।

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