Edited By Mansa Devi,Updated: 11 Apr, 2026 04:38 PM

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। काम का दबाव, तनाव और बढ़ता स्क्रीन टाइम लोगों की नींद को प्रभावित कर रहा है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार लगातार नींद पूरी न होना शरीर...
नेशनल डेस्क: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। काम का दबाव, तनाव और बढ़ता स्क्रीन टाइम लोगों की नींद को प्रभावित कर रहा है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार लगातार नींद पूरी न होना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। यही वजह है कि अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या नींद की कमी का संबंध कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब हम सोते हैं, तब शरीर खुद को रिपेयर करने का काम करता है। इस दौरान कोशिकाएं ठीक होती हैं, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर के हार्मोन संतुलित रहते हैं। अगर लंबे समय तक पर्याप्त नींद न ली जाए, तो शरीर की यह प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है, जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
नींद की कमी से क्या होता है?
डॉक्टरों के मुताबिक, नींद की कमी का असर शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम पर भी पड़ता है। यह सिस्टम हमारे सोने-जागने के समय के साथ-साथ शरीर की कई अहम प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जो कुछ बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा, मेलाटोनिन नाम का हार्मोन भी नींद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हार्मोन शरीर को आराम देने के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है। नींद कम होने पर इसका स्तर घट सकता है, जिससे शरीर की सुरक्षा कमजोर हो सकती है।
कब बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?
नींद की कमी से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ सकता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर में हानिकारक तत्व बढ़ जाते हैं, जो कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा बने रहने पर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
नींद की कमी से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाना
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि नींद की कमी को सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन यह कई जोखिम कारकों को बढ़ा सकती है। इसलिए अच्छी सेहत के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।
कितने घंटे नींद लेना है जरूरी?
कुल मिलाकर, पर्याप्त नींद न केवल मानसिक शांति के लिए जरूरी है, बल्कि शरीर को बीमारियों से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नियमित और अच्छी नींद स्वस्थ जीवन की एक अहम शर्त मानी जाती है।