Himachal में बड़ा हादसा: गहरी खाई में गिरी पर्यटकों की कार, 8 की मौत

Edited By Updated: 31 May, 2026 08:19 AM

major accident in himachal tourist car falls into deep gorge 8 killed

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां के दुर्गम और बर्फीले Sach Pass की ओर जा रही पर्यटकों से भरी एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर करीब 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो...

Chamba Car Crash : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां के दुर्गम और बर्फीले Sach Pass की ओर जा रही पर्यटकों से भरी एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर करीब 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति की तलाश और रेस्क्यू का काम जारी है। बता दें कि यह हादसा शुक्रवार देर रात चुराह उपमंडल के बैरगढ़-सच पास-किलर मार्ग पर हुआ जिसकी जानकारी शनिवार को मिल सकी।

दो परिवारों ने मिलकर बनाई थी ट्रिप

हादसे का शिकार हुए लोग कर्नाटक के बेंगलुरु से हिमाचल घूमने आए थे। उन्होंने डलहौजी में एक इनोवा टैक्सी बुक की थी। डलहौजी में ही उनकी मुलाकात एक और टूरिस्ट फैमिली से हुई जिसके बाद दोनों परिवारों ने मिलकर बर्फीले पहाड़ों का दीदार करने के लिए गाड़ी शेयर की और साच पास के लिए निकल पड़े।

कार में सवार लोगों की पहचान 

कार में ड्राइवर और 2 बच्चों समेत कुल 9 लोग सवार थे:

विश्वास (ड्राइवर, निवासी: बनीखेत)

अरविंद चंद्राकर (निवासी: कादूगड़ी, बेंगलुरु)

प्राची (अरविंद की पत्नी)

दर्श (अरविंद का 8 वर्षीय बेटा)

 

अक्षाद (उम्र 11 वर्ष)

पीजी कार्तिकेयन (निवासी: व्हाइट फील्ड, कर्नाटक)

मणिमाला (कार्तिकेयन की पत्नी)

नंदन (कार्तिकेयन का बेटा)

खराब मौसम और दुर्गम रास्ता बना काल

सच पास को हिमाचल प्रदेश के सबसे कठिन और खतरनाक रास्तों में से एक माना जाता है। बैरागढ़ पुलिस चेक पोस्ट पार करने के बाद यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासन के मुताबिक हादसे की मुख्य वजहें ये हो सकती हैं। 

पहला रास्ते में बर्फ और पाला जमने की वजह से कार फिसल गई होगी। दूसरा अंदेशा जताया जा रहा है कि देर रात होने के कारण ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई होगी। तीसरा गाड़ी में अचानक आई किसी मैकेनिकल खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

हादसा शुक्रवार रात को हुआ था, लेकिन इलाका बेहद पथरीला, दुर्गम और अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव कार्य) शुरू नहीं किया जा सका। आज (31 मई, रविवार) सुबह ठीक 8:00 बजे से तीसा और बैरागढ़ पुलिस के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू कर दिया है। 

'बैरागढ़ कमेटी' ने स्थानीय लोगों से मदद की भावुक अपील की है। लोग चट्टानों और गहरी खाई में रस्सियों के सहारे ह्यूमन चेन (Human Chain) बनाकर उतर रहे हैं ताकि शवों को सुरक्षित सड़क तक लाया जा सके। फिलहाल मृतकों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है।

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