ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो कट सकता है बिजली कनेक्शन? सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को बड़ा सुझाव

Edited By Updated: 28 Sep, 2026 10:40 PM

can the electricity connection be cut if the traffic challan is not paid

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यातायात ई-चालान के तहत जुर्माने के रूप में करीब 20,000 करोड़ रुपये की भारी बकाया राशि की वसूली करनी है और उसने वसूली के लिए ऐसे चालान को बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव दिया।

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यातायात ई-चालान के तहत जुर्माने के रूप में करीब 20,000 करोड़ रुपये की भारी बकाया राशि की वसूली करनी है और उसने वसूली के लिए ऐसे चालान को बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव दिया। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ को बताया गया कि बड़ी संख्या में यातायात चालान जारी किए जाने के बावजूद जुर्माने की वसूली बहुत कम है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल ई-चालान जारी करते रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जुर्माने की वसूली भी महत्वपूर्ण है। पीठ ने कहा, "अगर लोग यातायात चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं तो इसे उनके बिजली बकाया बिल में जोड़ दें। उन्हें बिजली बिल का भुगतान करना होगा, अन्यथा बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस पर काम करें। इस देश में आपको कोई रास्ता निकालना होगा।"

यह सुझाव तब आया जब शीर्ष अदालत को बताया गया कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ई-चालान के तहत लगभग 45,000 करोड़ रुपये का बकाया था, जिनमें से अब तक केवल 25,000 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। शीर्ष अदालत ने परिवहन पोर्टल पर उन वाहनों को काली सूची में डालने और उनके स्वामित्व हस्तांतरण पर रोक लगाने का भी विचार व्यक्त किया, जिनके चालान का भुगतान नहीं किया गया है।

न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा कि अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने ई-चालान का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों की पहचान के लिए वाहनों की औचक जांच का भी सुझाव दिया। पीठ ने कहा, "वाहनों की औचक जांच हो और यदि पाया जाता है कि ई-चालान का भुगतान नहीं किया गया है तो वाहन को जब्त करने समेत आवश्यक कदम उठाए जाएं।" शीर्ष अदालत सड़क सुरक्षा, यातायात प्रवर्तन और दुर्घटना के बाद पीड़ितों की देखभाल से जुड़े व्यापक प्रणालीगत सुधारों के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 

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