Edited By Radhika,Updated: 28 Apr, 2026 11:57 AM

देशभर में गर्मी का तांडव देखने को मिल रहा है। सूरज की तपिश अब जानलेवा स्तर पर पहुँच गई है। लगातार बढ़ती हुई इस गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है...
नेशनल डेस्क: देशभर में गर्मी का तांडव देखने को मिल रहा है। सूरज की तपिश अब जानलेवा स्तर पर पहुँच गई है। लगातार बढ़ती हुई इस गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि इस कि लू (Heatwave) के प्रकोप से श्रमिकों को बचाने के लिए काम के घंटों में बदलाव किया जाना चाहिए।
केंद्रीय श्रम और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार
केंद्रीय श्रम और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी:
-
दोपहर की कड़ी धूप के दौरान काम को रोककर सुबह या शाम के समय में शिफ्ट करने का सुझाव दिया गया है।
-
निर्माण स्थलों, फैक्ट्रियों और खदानों में ठंडे पानी, पर्याप्त छाया और विश्राम की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
-
एक ही व्यक्ति पर अधिक दबाव न पड़े, इसके लिए अतिरिक्त कर्मियों को तैनात करने की सलाह दी गई है ताकि सभी को पर्याप्त ब्रेक मिल सके।

देश के सबसे गर्म शहरों की लिस्ट
वर्तमान में देश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं। यहाँ मुख्य शहरों के तापमान का विवरण दिया गया है:
|
शहर
|
राज्य
|
तापमान
|
|
अकोला
|
महाराष्ट्र
|
45.6°C
|
|
अमरावती
|
महाराष्ट्र
|
45.6°C
|
|
वर्धा
|
महाराष्ट्र
|
45.5°C
|
|
फरीदकोट
|
पंजाब
|
45.2°C
|
|
रोहतक
|
हरियाणा
|
44.6°C
|
|
झारसुगुड़ा
|
ओडिशा
|
44.6°C
|
|
नागपुर
|
महाराष्ट्र
|
44.2°C
|
|
इंदौर
|
मध्य प्रदेश
|
42.2°C
|
स्वास्थ्य मंत्रालय और IMD का अलर्ट
गर्मी को देखते हुए IMD ने चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून के बीच 'हीटवेव' के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने वाली है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को चार प्रमुख निर्देश दिए हैं:
-
अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित हों।
-
आपातकालीन सेवाएं हर समय अलर्ट मोड पर रहें।
-
जनता तक मौसम की पल-पल की चेतावनी (Early Warning) पहुँचाई जाए।
-
हीट स्ट्रोक के मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग की जाए ताकि राहत कार्यों में तेजी आए।