48 घंटे में 1.20 लाख से 3.50 लाख पहुंची मासूम की कीमत... सोने के गहने और महंगे फोन के लिए मासूम का सौदा- सगी मां समेत 7 गिरफ्तार

Edited By Updated: 30 Sep, 2026 02:19 PM

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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां एक मां-बाप ने महज एक महीने के अपने ही मासूम बच्चे को चंद पैसों की खातिर बेच दिया। इस केस में पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है।...

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र और तेलंगाना में कई सौदों के ज़रिए एक महीने के बच्चे को कथित तौर पर कई हाथों से गुज़ारा गया। माता-पिता ने उसे पहले 1.20 लाख रुपये में बेचा था, जिसके बाद पुलिस ने अंतर-राज्यीय शिशु तस्करी नेटवर्क की संभावना की जांच शुरू की। बच्चे के माता-पिता समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बच्चे को हैदराबाद से बरामद किया गया है। यह मामला छत्रपति संभाजीनगर के मुकुंदवाड़ी इलाके में सामने आया।

पुलिस के अनुसार, माता-पिता ने शुरू में अपने एक महीने के बच्चे को सीमा रेशवाल नाम की एक महिला बिचौलिये को 1.20 लाख रुपये में सौंपा था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद जोड़े ने उस पैसे से दो महंगे मोबाइल फोन और सोने की चेन खरीदी। जांच के तहत पुलिस इन चीज़ों को ज़ब्त करने की प्रक्रिया में है। जांच में पता चला कि बच्चे को कथित तौर पर कई बार बेचा गया और शुरुआती सौदे के बाद कीमत बढ़ती गई। पुलिस ने बताया कि रेशवाल ने बाद में बच्चे को पडेगांव की रहने वाली संगीता अव्हाड को 2.70 लाख रुपये में बेच दिया।

जांचकर्ताओं ने बताया कि अव्हाड बच्चे को नांदेड़ ले गई, जहां उसे सुरेश गुंटुका को 3.50 लाख रुपये में सौंप दिया गया। पुलिस ने गुंटुका को फर्जी डॉक्टर बताया है। यह कथित सिलसिला तब भी जारी रहा जब गुंटुका ने बच्चे को अपनी रिश्तेदार हैदराबाद की रहने वाली उमा खटकम को उसी 3.50 लाख रुपये की कीमत पर सौंप दिया। आखिरकार पुलिस ने जांच के दौरान बच्चे का पता लगाया और उसे हैदराबाद से बरामद कर लिया।

इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बच्चे के माता-पिता और लगातार हुए सौदों में शामिल अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि उस पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके जिसके ज़रिए बच्चा कई हाथों से गुज़रा और हर व्यक्ति की भूमिका तय की जा सके। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या गिरफ्तार लोगों का शिशुओं की अवैध बिक्री या हस्तांतरण से जुड़े किसी अन्य मामले से कोई संबंध है।पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये सौदे किसी बड़े अंतर-राज्यीय शिशु तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि बच्चे के सगे माता-पिता, वंदना और योगेश कामरे को 1.2 लाख रुपये मिले थे और उन्होंने उस पैसे से लगभग 62,000 रुपये के सोने के गहने और दो ब्रांडेड स्मार्टफोन खरीदे थे।  

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