Edited By Ramkesh,Updated: 25 Jun, 2026 06:53 PM

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं से लैस बनाने के उद्देश्य से 75 सीएम श्री स्कूलों में व्यापक मरम्मत, सुधार और नयी सुविधाएं विकसित की जायेंगी।
नेशनल डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं से लैस बनाने के उद्देश्य से 75 सीएम श्री स्कूलों में व्यापक मरम्मत, सुधार और नयी सुविधाएं विकसित की जायेंगी। गुप्ता ने आज कहा कि हाल में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इसके लिए लगभग 264 करोड़ 90 लाख 88 हजार रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक और प्रेरणादायक परिसर मिले।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण, संशोधन और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन पर सीएम का नया लोगो और स्कूल का नाम प्रदर्शित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त भवनों में सीलन और नमी की समस्या दूर करने, वॉटरप्रूफिंग, आंतरिक एवं बाहरी पेंटिंग, प्लास्टर की मरम्मत, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण अथवा मरम्मत, शौचालयों में सुधार, पेयजल सुविधा में सुधार, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने, आवश्यकता के अनुरूप खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मरम्मत, मल्टीपरपज हॉल का नवीनीकरण और आवश्यकता अनुसार अन्य मरम्मत कार्य किये जायेंगे।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिकल कार्यों के तहत अग्नि सुरक्षा से जुड़े कार्य किये जायेंगे। खराब एलईडी लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जायेगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं प्रभावी ढंग से प्रसारित की जा सकें। स्कूल परिसरों में हाई मास्ट लाइटिंग की व्यवस्था की जायेगी। मल्टीपरपज हॉल एवं कंप्यूटर लैब में एयर कंडीशनिंग, स्टेज लाइटिंग, सीएम लोगो युक्त एलईडी साइनेज एवं एलईडी बोडर्, इनबिल्ट आरओ वॉटर कूलर, मुख्य विद्युत पैनलों का अपग्रेडेशन और नयी वायरिंग, री-वायरिंग, पावर पॉइंट और लैन पॉइंट उपलब्ध कराये जायेंगे।
विशेष प्राथमिकता वाले कार्यों के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ और हैंडरेल जैसी दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जायेंगी। साथ ही सीसीटीवी, कंपाउंड लाइटिंग और खेल मैदानों का विकास भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत स्कूल परिसरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जायेगा। आधुनिक डिजाइन वाले सीएम प्रवेश द्वार विकसित किये जायेंगे। जहां बाउंड्री वॉल अच्छी स्थिति में है वहां आवश्यकतानुसार मामूली मरम्मत की जायेगी और ग्रिट फिनिश को बरकरार रखा जायेगा। फेंसिंग को आकर्षक विपरीत रंगों से रंगा जायेगा। खेल मैदानों में आधुनिक आउटडोर गैलरी विकसित की जायेगी, जिसका उपयोग आउटडोर कक्षाओं, मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियों तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए किया जा सकेगा।
बास्केटबॉल कोटर् में नया टफर् बिछाया जायेगा। यह सारा कार्य अगल साल के अंत तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल भवनों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों को ऐसे आधुनिक शिक्षण परिसरों में विकसित करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, समावेशी, तकनीक-सक्षम और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो। यह प्रस्ताव दिल्ली के सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना को नयी दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।