Edited By Sahil Kumar,Updated: 07 Aug, 2026 05:49 PM

भारत में रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस (VTDS) ने चेक गणराज्य की कंपनी DEUS Automation a.s. के साथ तकनीकी साझेदारी की है। इस समझौते के तहत भारत में आधुनिक तकनीक की मदद से स्मॉल-कैलिबर...
नई दिल्ली। भारत में रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस (VTDS) ने चेक गणराज्य की कंपनी DEUS Automation a.s. के साथ तकनीकी साझेदारी की है। इस समझौते के तहत भारत में आधुनिक तकनीक की मदद से स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद (Small-Calibre Ammunition) का निर्माण किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, DEUS Automation चेक रक्षा कंपनी STV Group की सिस्टर कंपनी है। यह समझौता भारत और चेक गणराज्य के बीच स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद के क्षेत्र में शुरुआती बड़े तकनीक हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) समझौतों में शामिल है।
VTDS को गृह मंत्रालय से स्मॉल आर्म्स और गोला-बारूद के निर्माण तथा उनकी प्रूफ-टेस्टिंग का लाइसेंस मिला हुआ है। इस साझेदारी के बाद कंपनी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आधुनिक मशीनों और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के आधार पर अपनी उत्पादन क्षमता को और बेहतर बना सकेगी। VTDS की स्थापना संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक साहिल लूथरा और सह-संस्थापक एवं निदेशक प्रिकांक्षा लूथरा ने की है। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य दुनिया की उन्नत रक्षा तकनीकों को भारत की निर्माण क्षमता के साथ जोड़ना है, ताकि देश में आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ाया जा सके।
रक्षा तैयारियों को मिलेगी मजबूती
VTDS के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक साहिल लूथरा ने कहा कि यह साझेदारी भारत में आधुनिक रक्षा तकनीक लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, इससे देश की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
सह-संस्थापक एवं निदेशक प्रिकांक्षा लूथरा ने कहा कि यह समझौता केवल तकनीक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भारत में नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले रक्षा विनिर्माण का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना भी है। वहीं, DEUS Automation के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं बोर्ड सदस्य एलेक्स चेर्नी और सेल्स, प्रोजेक्ट्स एवं परचेज मैनेजर ओन्द्रेज चेर्नी ने कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। साथ ही, आधुनिक उत्पादन तकनीकों के जरिए भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को मिलेगा बढ़ावा
कंपनी का कहना है कि यह साझेदारी केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप है। इससे देश में रक्षा उत्पादों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और रक्षा क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) भी अधिक मजबूत बनेगी। VTDS के अनुसार, यह समझौता भारतीय और चेक रक्षा उद्योगों के बीच भविष्य में तकनीकी सहयोग और नए नवाचारों के लिए भी मजबूत आधार तैयार करेगा।