कनाडा क्रिकेट में गैंगस्टर की एंट्री! Lawrence Bishnoi गैंग के नाम पर खिलाड़ियों को जान से मारने की धमकी

Edited By Updated: 18 Apr, 2026 11:29 AM

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Cricket Canada Corruption: कनाडा में क्रिकेट खेल में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। भारत का कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब कनाडा की नेशनल क्रिकेट टीम  और बोर्ड के फैसलों को प्रभावित कर रहा है। खिलाड़ियों को धमकाने से लेकर मैच फिक्स करने तक, कनाडा...

Cricket Canada Corruption: कनाडा में क्रिकेट खेल में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। भारत का कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब कनाडा की नेशनल क्रिकेट टीम  और बोर्ड के फैसलों को प्रभावित कर रहा है। खिलाड़ियों को धमकाने से लेकर मैच फिक्स करने तक, कनाडा क्रिकेट एक बड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। 

 रेस्टोरेंट में स्टार खिलाड़ी को बिश्नोई गैंग की धमकी
दरअसल, मामला उस समय सामने आया जब पिछले साल जुलाई में सरे (BC) के एक रेस्टोरेंट में नेशनल टीम के एक स्टार खिलाड़ी को दो लोगों ने कोने में ले जाकर धमकी देना शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार, उन लोगों ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और खिलाड़ी को चेतावनी दी कि अगर उसने युवा खिलाड़ी दिलप्रीत बाजवा और एक अन्य खिलाड़ी का टीम में समर्थन नहीं किया, तो उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

'तुम बिश्नोई ग्रुप से बच नहीं पाओगे'
उन्होंने साफ शब्दों में कहा: “तुम्हें इन लड़कों का ख्याल रखना होगा। इन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। अगर ऐसा हुआ, तो तुम मुसीबत में पड़ जाओगे।” यह बात उस खिलाड़ी के करीबी व्यक्ति 'नोआ' (काल्पनिक नाम) ने बताई, जिससे खिलाड़ी ने घटना के तुरंत बाद बात की थी। नोआ का असली नाम उजागर नहीं किया गया है क्योंकि उसे भी धमकियां मिली हैं। उसने बताया कि उसे हिंदी में एक मैसेज मिला: “हमें पता है तुम कहां रहते हो… तुम बिश्नोई ग्रुप से बच नहीं पाओगे।”

बिश्नोई गैंग का संचालन भारत की जेल से इसके नामधारी 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई करता है। यह गिरोह कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदाय में गोलीबारी, उगाही और हत्याओं के लिए जिम्मेदारी ले चुका है, जिसमें पंजाबी रैपर सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी शामिल है। लगातार हो रही टारगेटेड शूटिंग की घटनाओं के चलते 2026 की शुरुआत में सरे के मेयर ने राष्ट्रीय आपातकाल की मांग तक कर दी थी।

गैंग के निशाने पर क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर
सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं ब्लकि क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी भी इस खौफ के साए में जी रहे हैं। एक high ranking अधिकारी को अपना पद इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि उनके घर पर दो बार फायरिंग की गई। कनाडा की स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि वे क्रिकेट में बाहरी हस्तक्षेप और धमकियों की जांच कर रहे हैं और इस मामले को RCMP (रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस) को सौंप दिया गया है।

वर्ल्ड कप में 'फिक्सिंग' का शक?
हाल ही में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भी कनाडा की टीम विवादों में रही। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में कप्तान दिलप्रीत बाजवा द्वारा फेंकी गई पहली ही 'नो-बॉल' ने भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (ACU) का ध्यान खींचा। क्रिकेट में जानबूझकर फेंकी गई नो-बॉल अक्सर स्पॉट फिक्सिंग (Spot-fixing) का संकेत देती है।रिपोर्ट्स के अनुसार, ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने बाजवा से पूछताछ की और उनका फोन भी जब्त कर लिया। एक सट्टेबाजी insider ने दावा किया कि  भारत में एक मैच के लिए स्क्रिप्ट 37,000 कनाडाई डॉलर में खरीदने की पेशकश की गई थी। हालांकि ICC ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
 
नए प्रेसिडेंट पर भी सवालों के घेरे में
कनाडा क्रिकेट के newly appointed president अविंदर खोसला पर भी आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों ने बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दी थी, वे खोसला के करीबी हैं। हालांकि, खोसला ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें इन धमकियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

एक पीड़ित कोच का बयान सामने आया
उनका का कहना है कि जब शीर्ष स्तर पर बैठे लोग गैंग्स का इस्तेमाल करने लगें, तो कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को इस खेल में क्यों भेजेंगे?
 

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