Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Oct, 2026 03:23 PM

चक्रवात अर्नब के कारण 27 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 के बीच कम से कम 22 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन सेवाएं रद्द या स्थगित कर दी गई हैं। प्रभावित होने वाली प्रमुख ट्रेनों में विशाखापत्तनम-किरंदुल और राउरकेला-जगदलपुर सेवाएं शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर...
रायगडा: चक्रवात अर्नब के कारण 27 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 के बीच कम से कम 22 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन सेवाएं रद्द या स्थगित कर दी गई हैं। प्रभावित होने वाली प्रमुख ट्रेनों में विशाखापत्तनम-किरंदुल और राउरकेला-जगदलपुर सेवाएं शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें 29 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच रद्द कर दी गई हैं। वहीं, हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस जैसी कुछ अन्य ट्रेनों के प्रस्थान की तारीखों में भी बदलाव किया गया है।
इसी तरह, भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक रायगडा में ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी। वहीं, जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक जगदलपुर के बजाय रायगडा से रवाना होगी। ये दोनों बदलाव अस्थायी हैं।
रेलवे विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन अपडेट्स को जरूर देख लें। यात्री 'नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' (NTES) या भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर जाकर ताजा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस बीच, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के इंस्पेक्टर जनरल नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि चक्रवात अर्नब जमीन से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है और बुधवार शाम तक इसके और कमजोर होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि आपदा से निपटने की तैयारियों के तहत आंध्र प्रदेश में NDRF की चार अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बुंदेला ने कहा कि इस चक्रवात की तीव्रता को 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) से घटाकर 'गंभीर चक्रवाती तूफान' (severe cyclonic storm) कर दिया गया है और आने वाले घंटों में इसके और कमजोर होने की संभावना है।
बुंदेला ने बताया कि NDRF, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और जिला स्तर की अन्य टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बहुत भीषण चक्रवाती तूफान 'अरनाब' ने बुधवार सुबह 8 बजे तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच (यनम के दक्षिण-पश्चिम में) दस्तक दी। इस दौरान हवा की लगातार गति 125–135 किमी प्रति घंटा रही, जबकि हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गए।
IMD ने 'X' पर एक पोस्ट में बताया कि चक्रवात ने 28 अक्टूबर को तड़के 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच तट को पार किया और सुबह 8 बजे तक इसका केंद्र पूरी तरह से ज़मीन के ऊपर आ गया। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8:30 बजे यह चक्रवाती सिस्टम तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। यह नरसपुर से लगभग 20 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, यनम से 40 किमी दक्षिण-पश्चिम, काकीनाडा से 60 किमी दक्षिण-पश्चिम, मछलीपट्टनम से 90 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, गन्नवरम से 120 किमी पूर्व और टुनी से 120 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने बुधवार को बताया कि चक्रवात 'अरनाब' को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राज्य प्रशासन लोगों की जान बचाने और संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है। अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। चक्रवात के कारण समुद्र में उठी ऊंची लहरों और तटीय कटाव से काकीनाडा के पास उप्पाडा तटीय सड़क को नुकसान पहुंचा है। इस इलाके में संपर्क बहाल करने और तटरेखा को सुरक्षित रखने के लिए मरम्मत और बहाली का काम शुरू कर दिया गया है।