Edited By Pardeep,Updated: 28 Oct, 2026 10:36 PM

मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। सीएनएन (CNN) की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आदेश मिलते ही मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बल '96 घंटे के...
वाशिंगटन/तेहरान : मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। सीएनएन (CNN) की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आदेश मिलते ही मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बल '96 घंटे के भीतर' ईरान पर व्यापक हमले शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यद्यपि क्षेत्र में हमले के लिए पर्याप्त अमेरिकी सैनिक पहले से मौजूद हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस नए सैन्य अभियान पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।
परमाणु प्रतिष्ठानों और ऊर्जा ढांचों पर हो सकता है हमला
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अभियान केवल ईरानी रडार या मिसाइल लॉन्चरों तक सीमित रहने के बजाय एक बेहद व्यापक सैन्य प्रयास होगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड और पेंटागन ने संभावित लक्ष्यों की एक विस्तृत सूची तैयार की है, जिसमें ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, प्रमुख सैन्य ठिकाने और परमाणु प्रतिष्ठान (Nuclear Facilities) शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस सैन्य हमले पर फैसला चालू वर्ष के अंत से पहले या मुख्य रूप से अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) के बाद की समयावधि में आ सकता है।
मध्य पूर्व और उससे बाहर भी हो सकता है ईरान का पलटवार
अमेरिकी खुफिया आकलनों के अनुसार, यदि वाशिंगटन और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला करते हैं, तो ईरान और यमन के हूती विद्रोही अमेरिकी कर्मियों और प्रतिष्ठानों पर भीषण पलटवार कर सकते हैं।
राष्ट्रीय गुप्तचर निदेशक (DNI) जय क्लेटन द्वारा 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे गए एक गोपनीय ज्ञापन में कहा गया है कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने के अपने प्रयासों को काफी बढ़ा दिया है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान और हूती विद्रोहियों की ओर से अमेरिका के खिलाफ जवाबी हमले की साजिशें मध्य पूर्व के साथ-साथ अन्य देशों में भी उन्नत चरणों तक पहुंच चुकी हैं।
नेतनयाहू ने की थी चुनावों से पहले संयुक्त हमले की मांग, ट्रंप ने रोका
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने अमेरिकी चुनावों से पहले ईरान पर संयुक्त हमले के लिए डोनाल्ड ट्रंप को मनाने का पूरा प्रयास किया था, लेकिन ट्रंप ने इसके लिए हरी झंडी देने से इनकार कर दिया। यद्यपि इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस दावे को पूरी तरह से 'फेक न्यूज' (Fake News) बताकर खारिज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप के इस फैसले के पीछे एक वजह यह भी थी कि इजरायली सेना प्रमुख एयाल ज़मीर ने अमेरिकी जनरल डैन केन को चेतावनी दी थी कि समय से पहले हमले से इजरायल के चुनाव प्रभावित या स्थगित हो सकते हैं। इसके साथ ही, जारी युद्ध के कारण इजरायल के पास रक्षात्मक मिसाइलों का भंडार सीमित हो गया है, जिसके चलते किसी भी संभावित ईरानी पलटवार से बचने के लिए उसे अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सहायता की सख्त जरूरत है।
इसके बावजूद, एक सैन्य समारोह में बोलते हुए पीएम नेतनयाहू ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी सेना और खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) को ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने के निर्देश दिए हैं और सभी योजनाएं तैयार हैं।