कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले प्रधानाचार्य के परिजन को एक करोड़ रुपये की सहायता दें: दिल्ली हाईकोर्ट

Edited By Updated: 05 Sep, 2025 05:51 PM

delhi high court orders 1 crore compensation to covid duty principal family

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह कोविड-19 महामारी में कर्तव्य निर्वहन के दौरान जान गंवाने वाले स्कूल के एक प्रधानाचार्य के परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दे। उच्च न्यायालय ने मृतक की पत्नी...

नेशनल डेस्क: दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह कोविड-19 महामारी में कर्तव्य निर्वहन के दौरान जान गंवाने वाले स्कूल के एक प्रधानाचार्य के परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दे। उच्च न्यायालय ने मृतक की पत्नी द्वारा दायर अपील को स्वीकार कर लिया जिसमें एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी गई थी। एकल पीठ ने कहा था कि व्यक्ति उक्त समय पर कोविड ड्यूटी पर नहीं था।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने चार सितंबर को दिये फैसले में कहा, ‘‘ हमें इस निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि अपीलकर्ता के पति का दुर्भाग्यपूर्ण निधन कोविड-19 कर्तव्यों का निर्वहन करते समय कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण हुआ।'' याचिका में कहा गया है कि शिवनाथ प्रसाद मई 1993 में सहायक अध्यापक के रूप में दिल्ली सरकार की सेवा में शामिल हुए थे और जिस समय उनकी मृत्यु हुई, उस समय वे निठारी स्थित दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्राथमिक बाल विद्यालय के प्रधानाचार्य थे।

याचिका में कहा गया है कि मई 2020 में दिल्ली सरकार ने एक योजना शुरू की थी जिसके तहत कोविड-19 ड्यूटी में तैनात सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान संक्रमण से मौत होने पर उसके परिजनों को मरणोपरांत एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया था। अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि आठ सप्ताह के भीतर राशि जारी नहीं की गई तो प्राधिकारियों को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!