LPG Gas Crisis: अफवाहों पर ध्यान न दें! जान लीजिए देश में कितने सिलेंडरों का है कुल स्टॉक?

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 01:48 PM

there are 33 crore connections and 1 5 crore png homes in the country

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भारत में रसोई गैस की संभावित कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। चूंकि भारत अपनी LPG जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए आम जनता में बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, सरकारी...

LPG Gas Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भारत में रसोई गैस की संभावित कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। चूंकि भारत अपनी LPG जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए आम जनता में बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, सरकारी आंकड़े और जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रहे हैं। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय इस स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा पर आंच न आए।

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देश में कुल इतने सिलेंडरों का है स्टॉक   

भारत का एलपीजी नेटवर्क आज दुनिया के सबसे बड़े वितरण तंत्रों में से एक है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 33 करोड़ के पार पहुंच गई है। अधिकांश परिवारों के पास डबल सिलेंडर (DBC) की सुविधा होने के कारण देश में कुल सिलेंडरों की उपलब्धता 66 करोड़ से अधिक है। साल 2014 में देश में केवल 14.5 करोड़ कनेक्शन थे, जो पिछले एक दशक में दोगुने से भी अधिक हो चुके हैं। इसमें 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' की बड़ी भूमिका रही है, जिसके तहत 10.4 करोड़ परिवारों को गैस से जोड़ा गया।

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PNG और कमर्शियल सेक्टर का सहारा

सिलेंडर के अलावा, भारत अब PNG पर तेजी से शिफ्ट हो रहा है। वर्तमान में लगभग 1.5 करोड़ घरों में सीधे पाइप के जरिए गैस पहुंच रही है, जिससे सिलेंडर पर निर्भरता और बुकिंग का झंझट कम हुआ है। इसके साथ ही, देश के 45 हजार होटल-रेस्टोरेंट और 20 हजार से अधिक उद्योग भी गैस पाइपलाइन नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो संकट के समय वितरण प्रणाली को लचीला बनाए रखते हैं।

वैश्विक संकट से निपटने के लिए सरकारी तैयारी

ईरान-इजरायल तनाव के कारण यदि वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित होते हैं, तो भी सरकार ने इससे निपटने के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। गैस कंपनियों को पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से आम आदमी को बचाने के लिए सरकारी तंत्र एक्टिव है। गैस एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या कृत्रिम कमी को रोका जा सके।

 

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