Edited By Rohini Oberoi,Updated: 27 Feb, 2026 12:15 PM

अगर आपके परिवार में कोई रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। रेल मंत्रालय ने पेंशनभोगियों के लिए एक हाई अलर्ट (High Alert) जारी किया है। दरअसल इन दिनों साइबर अपराधी रेलवे के फर्जी अधिकारी बनकर पेंशनभोगियों को अपना शिकार...
Railway Pensioner Cyber Fraud Alert : अगर आपके परिवार में कोई रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। रेल मंत्रालय ने पेंशनभोगियों के लिए एक हाई अलर्ट (High Alert) जारी किया है। दरअसल इन दिनों साइबर अपराधी रेलवे के फर्जी अधिकारी बनकर पेंशनभोगियों को अपना शिकार बना रहे हैं और उनके जीवन भर की जमापूंजी पर डाका डाल रहे हैं।
सावधान! जालसाजों का नया पैंतरा
रेल मंत्रालय को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं जिनमें ठग खुद को रेलवे का वरिष्ठ अधिकारी बताकर बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। धोखाधड़ी का तरीका कुछ इस प्रकार है:
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नकली कॉल और मैसेज: ठग फोन, SMS या वॉट्सएप के जरिए संपर्क करते हैं।
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PPO अपडेट का झांसा: वे कहते हैं कि आपका 'पेंशन पेमेंट ऑर्डर' (PPO) पुराना हो गया है इसे तुरंत अपडेट करना होगा।
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KYC और अतिरिक्त लाभ: पेंशन खाते की KYC दोबारा कराने या रुके हुए बकाये (Arrears) का भुगतान तुरंत दिलाने का लालच दिया जाता है।
रेलवे की सख्त हिदायत: कभी न करें ये गलती
रेल मंत्रालय ने आधिकारिक एडवाइजरी में कुछ महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं:
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कोई लिंक नहीं: रेलवे कभी भी PPO या सर्विस रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए किसी भी तरह का लिंक (Link) नहीं भेजता है।
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गोपनीय जानकारी: रेलवे का कोई भी असली अधिकारी आपसे फोन पर आपका बैंक अकाउंट नंबर, पासवर्ड, ओटीपी (OTP) या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी कभी नहीं मांगेगा।
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डर का माहौल: ठग अक्सर यह कहकर डराते हैं कि आपकी पेंशन बंद हो जाएगी। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसी बातों में आकर अपनी डिटेल्स शेयर न करें।
खुद को और परिवार को कैसे बचाएं?
साइबर ठगी से बचने के लिए इन सुरक्षा उपायों को अपनाएं:
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जानकारी साझा न करें: अनजान कॉलर को अपनी बैंक डिटेल्स या आधार नंबर बिल्कुल न दें।
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बुजुर्गों को समझाएं: घर के रिटायर्ड सदस्यों को इस नए खतरे के बारे में विस्तार से बताएं।
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आधिकारिक स्रोत: पेंशन से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए केवल रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या नजदीकी रेलवे कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से मिलें।
ठगी हो जाए तो क्या करें?
यदि आपके साथ कोई संदिग्ध घटना होती है या पैसा कट जाता है तो बिना देरी किए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करें। साथ ही इसकी जानकारी अपने संबंधित रेलवे प्रशासनिक कार्यालय को भी दें।