दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 मौतों के मामले में होटल का रसोइया गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज

Edited By Updated: 06 Jun, 2026 01:35 PM

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दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के उस होटल के रसोइये को गिरफ्तार कर लिया है, जहां इस सप्ताह भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जांचकर्ताओं का मानना है कि रसोइये की लापरवाही आग लगने की एक वजह हो सकती है। उन्होंने...

नेशनल डेस्क: दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के उस होटल के रसोइये को गिरफ्तार कर लिया है, जहां इस सप्ताह भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जांचकर्ताओं का मानना है कि रसोइये की लापरवाही आग लगने की एक वजह हो सकती है। उन्होंने बताया कि होटल से जुड़े कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

 रसोइये की गतिविधियों से लगी आग, पुलिस को शक 
 यह कार्रवाई मालवीय नगर के हौज रानी इलाके स्थित 'फ्लरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट' (बी एंड बी) होटल में लगी आग की जांच के तहत की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि केशव नेगी नामक रसोइये की गतिविधियों से आग लगी होगी। जांचकर्ता घटना की कड़ियां जोड़ने और आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए होटल कर्मचारियों तथा इसके संचालन से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब दिल्ली पुलिस इस त्रासदी की जांच का दायरा बढ़ाते हुए कथित सुरक्षा उल्लंघनों, कमरों के अनधिकृत विस्तार तथा होटल के प्रबंधन और दैनिक संचालन में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। बुधवार सुबह लगी इस भीषण आग में 16 वर्षीय एक किशोरी समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी।

होटल मालिक की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी 
 मृतकों में किर्गिस्तान, नाइजीरिया, बांग्लादेश, इराक, कांगो, मोजाम्बिक और लाइबेरिया के कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। पुलिस इससे पहले होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर चुकी है। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या लापरवाही, अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और भवन में किए गए अनधिकृत बदलावों के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। जांच में पता चला है कि होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, जबकि वहां 28 कमरे बनाए गए थे। यह जानकारी मालवीय नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी में सामने आई है।

अकाउंटेंट की तलाश में जुटी पुलिस 
अधिकारियों ने परिसर में अग्नि सुरक्षा और हवा आर-पार जाने की व्यवस्था में भी कई कमियां पाई हैं। प्राथमिकी के अनुसार, जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तो बेसमेंट का प्रवेश द्वार बंद था, जिसके कारण दमकलकर्मियों को बचाव अभियान के दौरान दरवाजा काटकर खोलना पड़ा। जांचकर्ताओं का ध्यान जय मिश्रा नामक व्यक्ति पर भी केंद्रित है, जो बजाज का लंबे समय से सहयोगी और अकाउंटेंट रहा है तथा घटना के बाद से फरार है। 

अधिकांश लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, होटल से जुड़े कई दस्तावेजों में मिश्रा का नाम सामने आया है और यह जांच की जा रही है कि होटल के संचालन में उसकी भूमिका कितनी बड़ी थी। मिश्रा का पता लगाने के लिए कई पुलिस टीम गठित की गई हैं। इनमें से एक टीम उसके गृह राज्य बिहार भी भेजी गई है। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच से संकेत मिले हैं कि अधिकांश लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई। अधिकारियों को होटल के अंदर कई अग्निशामक यंत्र भी मिले, लेकिन आपात स्थिति के दौरान उनका इस्तेमाल नहीं किया गया था।

हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद तय होगी जवाबदेही
 फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से जले हुए बिजली के तारों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य सामग्रियों के नमूने एकत्र किए हैं। जांचकर्ता शॉर्ट सर्किट, बिजली के अत्यधिक भार (ओवरलोडिंग) और अन्य तकनीकी कारणों की भी जांच कर रहे हैं, जो आग लगने की वजह हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों और होटल कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएंगी और इस त्रासदी के लिए जवाबदेही तय की जाएगी, जो राष्ट्रीय राजधानी में हाल के वर्षों की सबसे घातक अग्नि दुर्घटनाओं में से एक है। 
 

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