Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 05 Mar, 2026 10:44 PM

होली के मौके पर दिल्ली की हवा में बड़ा बदलाव देखने को मिला। त्योहार के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होने और कई निर्माण कार्यों के अस्थायी रूप से बंद रहने से राजधानी में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
नेशनल डेस्क: होली के मौके पर दिल्ली की हवा में बड़ा बदलाव देखने को मिला। त्योहार के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होने और कई निर्माण कार्यों के अस्थायी रूप से बंद रहने से राजधानी में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक शहर में PM2.5 का स्तर करीब 34 प्रतिशत तक गिर गया।
इस बदलाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Ajay Maken ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के डेटा का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अगर सही नीतियां अपनाई जाएं तो दिल्ली की हवा रोजाना इतनी साफ हो सकती है।
DPCC के आंकड़ों में दिखा बड़ा बदलाव
Delhi Pollution Control Committee के 17 मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों की तुलना में यह बदलाव सामने आया।
तुलना दो अलग-अलग समय अवधि की गई:
- सामान्य दिन: 3 मार्च सुबह 7 बजे से 4 मार्च सुबह 7 बजे तक
- होली का दिन: 4 मार्च सुबह 7 बजे से 5 मार्च सुबह 7 बजे तक
डेटा के अनुसार:
- सभी 17 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर PM2.5 स्तर में गिरावट दर्ज की गई
- शहर का औसत अधिकतम PM2.5 स्तर 134 µg/m³ से घटकर 89 µg/m³ पर आ गया
- यानी कुल मिलाकर करीब 34% की कमी दर्ज हुई
इन इलाकों में सबसे ज्यादा सुधार
कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई:
- आनंद विहार: लगभग 50% कमी
- अशोक विहार: करीब 48% गिरावट
- मुंडका: लगभग 43% तक कमी
ये आंकड़े दिखाते हैं कि यदि वाहनों और धूल पर नियंत्रण किया जाए तो राजधानी की हवा में तेजी से सुधार हो सकता है।
आखिर क्यों साफ हुई दिल्ली की हवा?
विशेषज्ञों के अनुसार होली के दिन प्रदूषण कम होने के पीछे कई कारण रहे:
- सड़कों पर वाहनों की आवाजाही काफी कम रही
- निर्माण स्थलों पर गतिविधियां लगभग बंद रहीं
- धूल और ट्रैफिक से होने वाले उत्सर्जन में कमी आई
- यही दोनों कारण दिल्ली के वायु प्रदूषण के बड़े स्रोत माने जाते हैं।
अजय माकन का दावा: सही नीति बने तो रोज साफ रह सकती है हवा
Ajay Maken ने कहा कि एक दिन की छुट्टी ने यह दिखा दिया कि अगर सरकारें ठोस कदम उठाएं तो राजधानी की हवा में बड़ा सुधार संभव है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।
दिल्ली की हवा सुधारने के लिए सुझाए गए उपाय
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार: मेट्रो नेटवर्क बढ़ाना, इलेक्ट्रिक बसें और बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
- निर्माण स्थलों पर सख्ती: धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव और मलबा ढकना अनिवार्य
- कंजेशन प्राइसिंग लागू करना: ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क
- साइकिल और पैदल मार्ग बढ़ाना: नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन कदमों को गंभीरता से लागू किया जाए तो दिल्ली में वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार संभव है।