Edited By Anu Malhotra,Updated: 07 Jul, 2026 11:17 AM

Diabetes Patients Alert: डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ाने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक शुगर कंट्रोल में न रहने पर यह शरीर के कई अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। एक रिसर्च के अनुसार, इनमें सबसे ज्यादा बूरा असर किडनी पर पड़ता है।...
Diabetes Patients Alert: डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ाने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक शुगर कंट्रोल में न रहने पर यह शरीर के कई अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। एक रिसर्च के अनुसार, इनमें सबसे ज्यादा बूरा असर किडनी पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज से होने वाली Diabetic Nephropathy यानी किडनी की बीमारी, दुनिया में Kidney Failure के बड़े कारणों में से एक है।
डायबिटीज के कई मरीजों में शुरुआत में किडनी खराब होने के कोई साफ संकेत दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि कई लोग बीमारी को पहचान नहीं पाते और समय के साथ किडनी पर ज्यादा असर पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर कुछ शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए और समय पर जांच कराई जाए तो किडनी को गंभीर नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
कैसे डायबिटीज किडनी को नुकसान पहुंचाती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी किडनी में लाखों छोटे-छोटे फिल्टर होते हैं, जिन्हें Nephrons कहा जाता है। इनका काम खून से गंदगी और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना होता है। जब शरीर में लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहता है, तो यह इन फिल्टरों को नुकसान पहुंचाने लगता है। धीरे-धीरे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है और शरीर में हानिकारक पदार्थ जमा होने लगते हैं। डायबिटीज से जुड़ी किडनी बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और कई बार इसके लक्षण तब नजर आते हैं जब समस्या काफी बढ़ चुकी होती है।
Kidney Damage के इन लक्षणों पर दें ध्यान
डायबिटीज मरीजों को शरीर में होने वाले इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
1. पैरों और शरीर में सूजन
अगर पैरों, टखनों या आंखों के आसपास बार-बार सूजन दिखाई देती है तो यह किडनी की कार्यक्षमता कम होने का संकेत हो सकता है। किडनी सही तरीके से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे शरीर में पानी जमा होने लगता है।
2. पेशाब में बदलाव
पेशाब में झाग आना, बार-बार पेशाब लगना या पेशाब की मात्रा में बदलाव किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। खासकर पेशाब में ज्यादा झाग आना शरीर से प्रोटीन निकलने का संकेत हो सकता है।
3. ज्यादा थकान और कमजोरी
किडनी खराब होने पर शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे लगातार थकान, कमजोरी, जी मिचलाना या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
-Diabetic Nephropathy के अन्य संकेत
-मांसपेशियों में ऐंठन
-भूख कम लगना
-जी मिचलाना
-उल्टी की समस्या
-शरीर में कमजोरी महसूस होना
किन लोगों में ज्यादा खतरा होता है?
जिन डायबिटीज मरीजों का ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, उनमें किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ता वजन और लंबे समय से डायबिटीज होना भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
Kidney Health के लिए कौन से टेस्ट जरूरी हैं?
डायबिटीज मरीजों को समय-समय पर किडनी की जांच कराते रहना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ये टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं:
Urine Test: पेशाब में प्रोटीन की मात्रा जांचने के लिए
Blood Test: किडनी की कार्यक्षमता जानने के लिए
Kidney Function Test: किडनी कितनी अच्छी तरह काम कर रही है, इसकी जानकारी के लिए
Diabetes Patients ऐसे रखें अपनी Kidney का ख्याल
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आदतों को अपनाना जरूरी है:
-ब्लड शुगर को डॉक्टर की सलाह के अनुसार कंट्रोल में रखें
-फाइबर से भरपूर भोजन लें
-ज्यादा तेल, नमक और फैट वाली चीजों से बचें
-रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें
-पर्याप्त पानी पिएं (डॉक्टर की सलाह के अनुसार)
-धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं