Edited By Anu Malhotra,Updated: 26 Mar, 2026 11:07 AM

भारतीय रंगमंच और सिनेमाई दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अभिनय की बारीकियों को पर्दे पर बखूबी जीने वाले दिग्गज कलाकार और निर्देशक ई. ए. राजेंद्रन अब हमारे बीच नहीं रहे। 71 वर्ष की आयु में उन्होंने कोल्लम स्थित अपने निवास पर जीवन की अंतिम...
नेशनल डेस्क: भारतीय सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अभिनय की बारीकियों को पर्दे पर बखूबी जीने वाले दिग्गज कलाकार और निर्देशक ई. ए. राजेंद्रन अब हमारे बीच नहीं रहे। 71 वर्ष की आयु में उन्होंने कोल्लम स्थित अपने निवास पर जीवन की अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से बढ़ती उम्र और उससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। त्रिशूर के मूल निवासी राजेंद्रन के चले जाने से दक्षिण भारतीय कला जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भर पाना नामुमकिन है।
राजेंद्रन का कला से जुड़ाव महज एक पेशा नहीं, बल्कि उनके जीवन का अटूट हिस्सा था। स्कूल के दिनों से ही नाटकों के प्रति उनका रुझान ऐसा था कि उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की शिक्षा ली, जहां उन्होंने अपनी श्रेणी में टॉप किया। इसके बाद उन्होंने पुणे फिल्म संस्थान से टेलीविजन की बारीकियों को भी समझा। उनके करियर की शुरुआत फिल्म 'ग्रीष्मम' से हुई थी, लेकिन असली पहचान उन्हें एक लंबे ब्रेक के बाद फिल्म 'कलियट्टम' से मिली। करीब 60 फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले इस कलाकार ने खलनायक से लेकर सहयोगी भूमिकाओं तक, हर किरदार में जान फूंक दी।
सिर्फ कैमरा ही नहीं, कैमरे के पीछे भी राजेंद्रन का कद काफी बड़ा था। वे एक कुशल निर्देशक होने के साथ-साथ एक सफल निर्माता भी रहे। अपनी निजी जिंदगी में वे मशहूर अभिनेता मुकेश के जीजा थे और उनकी पत्नी संध्या राजेंद्रन भी उनके हर कदम पर साथ रहीं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी घटती सेहत और बढ़ती उम्र को लेकर चिंता जाहिर की थी, लेकिन उनका जुनून ऐसा था कि वे अपनी प्रोडक्शन कंपनी और बेटे के अभिनय करियर को लेकर हमेशा उत्साहित रहते थे। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए कोल्लम में रखा जाएगा, जिसके बाद उनके पैतृक गांव त्रितल्लूर में शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।