होर्मुज में फिर युद्ध का खतराः ईरान की ट्रंप को खुली चेतावनी-हमारे टैंकर छुए तो उड़ा देंगे अमेरिकी बेस

Edited By Updated: 10 May, 2026 11:56 AM

irgc warns us against attacks on ships

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल टैंकरों या वाणिज्यिक जहाजों पर हमला हुआ तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और दुश्मन जहाजों पर भीषण जवाबी हमले किए जाएंगे। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव और वैश्विक ऊर्जा...

International Desk: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने चेतावनी दी है कि ईरानी तेल टैंकरों या वाणिज्यिक पोतों पर कोई भी हमला होने पर इसका जवाब क्षेत्र में स्थित किसी अमेरिकी सैन्य अड्डे और दुश्मन के पोतों पर ''भीषण हमलों'' से दिया जाएगा। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने शनिवार को यह चेतावनी प्रसारित की। इससे एक दिन पहले अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमला किया था। इसके बावजूद युद्धविराम फिलहाल बरकरार नजर आ रहा है। इस बीच, बहरीन ने कहा कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से कथित संबंध रखने वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का क्षेत्रीय मुख्यालय है। शुक्रवार को हुए हमलों के कारण अमेरिका एवं ईरान के बीच के नाजुक युद्धविराम को लेकर संदेह और गहरा गया है।

 

अमेरिका युद्ध समाप्त करने, जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने से जुड़े समझौते के अपने ताजा प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान के उन दो टैंकर को निशाना बनाया, जो ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इससे कुछ घंटे पहले सेना ने कहा था कि उसने नौसेना के तीन पोतों पर हमलों को नाकाम किया और जवाबी कार्रवाई में जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि उसके तेल टैंकरों या वाणिज्यिक पोतों पर कोई भी हमला होने पर इसका जवाब क्षेत्र में स्थित किसी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर और दुश्मन के पोतों पर ''भीषण हमलों'' से दिया जाएगा।

 

इस बीच, बहरीन के गृह मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े एक समूह का सदस्य होने के आरोप में 41 लोगों को गिरफ्तार किया है। मंत्रालय ने कहा कि समूह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए जांच जारी है। बहरीन में सुन्नी मुस्लिम राजशाही का शासन है, लेकिन ईरान की तरह इसकी अधिकांश आबादी शिया है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि बहरीन ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का बहाना बनाकर देश में असहमति को दबाने का प्रयास किया है। अमेरिका का पांचवां बेड़ा बहरीन में तैनात है। ईरान ने बहरीन को चेतावनी जारी की है। ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, ''अमेरिका समर्थित प्रस्ताव का साथ देने के गंभीर परिणाम होंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा है। इसे हमेशा के लिए अपने लिए बंद करने का जोखिम न लें।''

 

अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को युद्ध शुरू किए जाने के बाद से ईरान ने वैश्विक ऊर्जा के लिए अहम इस जलमार्ग को काफी हद तक अवरुद्ध कर रखा है, जिससे ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर तेज वृद्धि हुई है। अमेरिका ने भी ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में एक युद्धपोत तैनात कर रहा है ताकि वह शत्रुता समाप्त होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा के लिए संभावित मिशन में शामिल हो सके। मंत्रालय ने कहा कि एचएमएस ड्रैगन को क्षेत्र में तैनात किया जाएगा और यह ब्रिटेन एवं फ्रांस के नेतृत्व वाली सुरक्षा योजना में शामिल होने के लिए तैयार रहेगा। फ्रांस ने इस सप्ताह घोषणा की कि वह तैयारी के तौर पर अपने विमानवाहक पोत 'स्ट्राइक ग्रुप' को लाल सागर में भेज रहा है।  

 

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