चीन की स्मार्ट कारों से डरा अमेरिकाः सांसदों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बताया बड़ा खतरा, चीनी EV बैन की तैयारी तेज

Edited By Updated: 10 May, 2026 07:28 PM

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अमेरिका में चीन निर्मित और चीन से जुड़े स्मार्ट वाहनों को लेकर जासूसी का डर बढ़ गया है। अमेरिकी सांसदों ने ऐसे वाहनों और उनके सॉफ्टवेयर पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि ये गाड़ियां डेटा इकट्ठा कर राष्ट्रीय सुरक्षा और...

Washington: अमेरिका में चीन के खिलाफ तकनीकी और सुरक्षा तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब अमेरिकी सांसदों ने चीन से जुड़े वाहनों और उनके पुर्जों पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी नेताओं का दावा है कि आधुनिक स्मार्ट गाड़ियां केवल वाहन नहीं बल्कि “चलती-फिरती निगरानी प्रणाली” बन चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार रिपब्लिकन सांसद John Moolenaar और डेमोक्रेट सांसद Debbie Dingell एक द्विदलीय बिल लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसका उद्देश्य चीन से जुड़े सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर वाले वाहनों को अमेरिकी बाजार से बाहर रखना है।

 

सांसदों का कहना है कि आज की आधुनिक गाड़ियां यात्रियों की लोकेशन, यात्रा का रास्ता, आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संवेदनशील जानकारी लगातार रिकॉर्ड करती हैं। अगर इन वाहनों में चीन निर्मित तकनीक लगी हो तो यह डेटा सीधे बीजिंग तक पहुंच सकता है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी चेतावनी दी थी कि चीन समर्थित हैकर अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगा चुके हैं। पूर्व FBI निदेशक Christopher Wray ने कहा था कि चीनी हैकर समूह “Volt Typhoon” अमेरिकी परिवहन और ऊर्जा नेटवर्क को निशाना बना सकता है। इसी वजह से अमेरिकी सांसद अब चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मान रहे हैं। सीनेट में भी “Connected Vehicle Security Act 2026” नाम का कानून प्रस्तावित किया गया है।
 

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने 2009 से 2023 के बीच अपनी इलेक्ट्रिक वाहन इंडस्ट्री को 230 अरब डॉलर से ज्यादा की सरकारी मदद दी। अमेरिका का आरोप है कि चीन सरकारी सब्सिडी के दम पर वैश्विक बाजार पर कब्जा करना चाहता है। अमेरिका का यह कदम भारत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत पहले ही कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुका है और अब स्मार्ट वाहनों तथा कनेक्टेड टेक्नोलॉजी को लेकर सुरक्षा जांच और कड़ी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत भी डेटा सुरक्षा के आधार पर ऑटो सेक्टर में सख्त नियम लागू कर सकता है।

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