नदी किनारे मिला 227 किलो का खतरनाक बम, डिफ्यूज करने उतरी सेना; हाई अलर्ट पर पूरा इलाका

Edited By Updated: 24 Mar, 2026 06:51 PM

east singhbhum bomb found

झारखंड के East Singhbhum जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बहरागोड़ा क्षेत्र के पानीपड़ा-नागुड़साई गांव के पास Subarnarekha River के किनारे खुदाई के दौरान करीब 227 किलोग्राम (500 पाउंड) का भारी बम मिला है।

Jharkhand Bomb News: झारखंड के East Singhbhum जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बहरागोड़ा क्षेत्र के पानीपड़ा-नागुड़साई गांव के पास Subarnarekha River के किनारे खुदाई के दौरान करीब 227 किलोग्राम (500 पाउंड) का भारी बम मिला है। इस खोज के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सेना की एंट्री, हाई अलर्ट पर पूरा इलाका

सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और Indian Army को अलर्ट किया। रांची से सेना की एक विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। टीम ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन कैमरे से आसपास के इलाके का सर्वे किया। बम की तकनीकी जांच शुरू की, संभावित खतरे का आकलन किया।

जांच में बड़ा खुलासा: बम अब भी ‘लाइव’

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह बम अभी भी सक्रिय स्थिति में है। यानी इसमें विस्फोट की पूरी क्षमता मौजूद है। सेना की टीम अब इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज (निष्क्रिय) करने की प्रक्रिया में जुट गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा हो सकता है कनेक्शन

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह बम संभवतः World War II के दौरान गिराया गया होगा। अनुमान है कि यह किसी अमेरिकी विमान से गिरा हो सकता है। वर्षों तक मिट्टी और बालू के नीचे दबा रहा और हाल की खुदाई के दौरान बाहर आया। हालांकि, इसकी असली पहचान और इतिहास की पुष्टि सेना की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, लोगों को चेतावनी

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील किया गया। लोगों को बम से दूर रहने की हिदायत दी गयी है। किसी भी तरह की छेड़छाड़ पर सख्त रोक लगायी गयी है।इलाके में और बम होने की आशंका भी जतायी जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि नदी किनारे ऐसे और भी विस्फोटक दबे हो सकते हैं। इस आशंका को ध्यान में रखते हुए सेना ने ड्रोन सर्वे शुरू किया और मेटल डिटेक्टर से तलाशी अभियान तेज किया।

आगे क्या होगा?

सेना की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजेगी। इसके बाद निर्देशों के अनुसार बम को पूरी तरह निष्क्रिय किया जाएगा और इलाके को सुरक्षित घोषित किया जाएगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!