मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुरलीधर मोहोल ने ‘भारत टैक्सी’ सेवा का महाराष्ट्र में शुभारंभ किया

Edited By Updated: 23 Jul, 2026 07:52 PM

fadnavis and muralidhar mohol launched the  bharat taxi  service in maharashtra

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता, नवाचार और समावेशी विकास के माध्यम से देश के मोबिलिटी क्षेत्र में परिवर्तन लाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता, नवाचार और समावेशी विकास के माध्यम से देश के मोबिलिटी क्षेत्र में परिवर्तन लाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति, सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि, अधिकारी तथा भारत टैक्सी से जुड़े सारथी उपस्थित थे।भारत टैक्सी  टैक्सी सारथियों को केवल चालक न मानकर उन्हें सेवा का मालिक, सहकारी संस्था का सदस्य और उसकी प्रगति का भागीदार मानते हुए  न्यायसंगत सहकारी मोबिलिटी मॉडल को आगे बढ़ा रही है।

इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि महाराष्ट्र में 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ राज्य के सहकारिता क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सहकारिता की पवित्र भूमि है और राज्य में सहकारिता की 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी तथा समृद्ध परंपरा रही है। देश में कार्यरत 8.60 लाख से अधिक सहकारी संस्थाओं में से लगभग ढाई लाख संस्थाएं अकेले महाराष्ट्र में कार्यरत हैं, जो देश के सहकारिता आंदोलन में महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सहकारिता का लाभ प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने और सहकारी संस्थाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से वर्ष 2021 में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। सहकारिता क्षेत्र का व्यापक अनुभव रखने वाले 5अमित शाह को देश का पहला सहकारिता मंत्री बनाए जाने के बाद सहकारी आंदोलन को नई दिशा, नई गति और व्यापक विस्तार मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद पिछले पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए लगभग 152 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति, देशभर में दो लाख नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की स्थापना का लक्ष्य तथा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों—PACS—को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 40 हजार नई सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है।

मुरलीधर मोहोल ने कहा कि लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से PACS का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है और उन्हें 25 से अधिक प्रकार की आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने में सक्षम बनाया गया है। देश में लगभग 39 हजार सहकारी समितियां प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र चला रही हैं और लगभग 54 हजार PACS कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में सेवाएं प्रदान कर रही हैं। सहकारी संस्थाएं अब पेट्रोल पंप, जन औषधि केंद्र, अनाज भंडारण तथा विभिन्न ग्रामीण सेवाओं से भी जुड़ रही हैं।

इन प्रयासों का उद्देश्य गांव की सहकारी संस्था को मजबूत बनाकर किसान, गांव, तालुका, जिला और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक उत्पादों के लिए सुनिश्चित बाजार और कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड—BBSSL, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड—NCOL और नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड—NCEL की स्थापना की गई है। देशभर की लगभग 70 हजार सहकारी संस्थाएं इन तीनों राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की सदस्य बन चुकी हैं। सहकारी क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से देश के पहले सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना भी की गई है।

मोहोल ने महाराष्ट्र के सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि NCDC के माध्यम से राज्य की सहकारी चीनी मिलों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। राज्य में इथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस से संबंधित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सहकारी आवास क्षेत्र के लिए स्वतंत्र कानूनी ढांचा तैयार करने तथा स्व-पुनर्विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से टिश्यू कल्चर को बढ़ावा देने की पहल में महाराष्ट्र भूमि उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बना है।

केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की सहकारी संस्थाओं और संगठनों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से भारत टैक्सी सेवा को आने वाले समय में राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में भारत टैक्सी की सदस्यता ग्रहण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ सारथियों को सहकारी संस्था की प्रगति और लाभ में भागीदार बनाएगी। उन्होंने लोगों से “सहकार के सारथी" और "समृद्ध महाराष्ट्र के भागीदार" बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के प्रथम सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में आई नई क्रांति का प्रभाव अब महाराष्ट्र के परिवहन क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और गुजरात के बाद महाराष्ट्र में भारत टैक्सी का शुभारंभ सहकारिता से रोजगार और रोजगार से समृद्धि के नए मॉडल को आगे बढ़ाएगा। गांव की प्राथमिक सहकारी संस्था से लेकर विभिन्न सहकारी संगठनों को मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के साथ उनके लिए नए व्यवसाय मॉडल विकसित किए जा रहे हैं और ‘भारत टैक्सी’ इसी परिवर्तनकारी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं ने यात्रियों के लिए परिवहन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन सर्ज प्राइसिंग, छिपे हुए शुल्क और एग्रीगेटर कमीशन जैसी चुनौतियों के कारण कई बार यात्रियों तथा चालकों, दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भारत टैक्सी इन समस्याओं का सहकारिता आधारित समाधान प्रस्तुत करती है। इसमें टैक्सी सारथी केवल चालक नहीं, बल्कि सहकारी संस्था के मालिक और शेयरधारक भी होंगे तथा संस्था को होने वाले लाभ में उन्हें हिस्सेदारी प्राप्त होगी। सेवा में सर्ज प्राइसिंग और छिपे शुल्क की व्यवस्था नहीं होगी तथा एक निर्धारित सेवा शुल्क के आधार पर इसका संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

महिला यात्रियों की सुरक्षा, यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार, पारदर्शी किराया और जवाबदेह सेवा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने स्वर्गीय दि. बा. पाटील सहकारी वाहतूक संघ के साथ हुए समझौते को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रहने वाले लगभग तीन से चार हजार स्थानीय भूमिपुत्रों को ऋण सुविधा के माध्यम से टैक्सी उपलब्ध कराने और उन्हें ‘भारत टैक्सी’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी से जुड़े सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र और सेवा किट भी प्रदान की गईं। भारत टैक्सी का उद्देश्य बिचौलिया-केंद्रित व्यवस्था के स्थान पर सारथी-केंद्रित परिवहन प्रणाली विकसित करना, उनकी आय में स्थिरता लाना, यात्रियों को पारदर्शी किराए पर सुरक्षित सेवा उपलब्ध कराना और संस्था के लाभ को उसके सारथियों के साथ साझा करना है। आने वाले समय में महाराष्ट्र की सहकारी संस्थाओं, परिवहन संगठनों और स्थानीय निकायों के सहयोग से अधिक से अधिक टैक्सी चालकों, युवाओं, महिलाओं तथा स्थानीय समुदायों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए ‘भारत टैक्सी’ सेवा का चरणबद्ध रूप से राज्यभर में विस्तार किया जाएगा।

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