किसान संगठनों ने 27 नवंबर तक टाली बैठक, बोले- कैबिनेट मीटिंग के बाद लेंगे कोई फैसला

Edited By Updated: 21 Nov, 2021 02:36 PM

farmers organizations postponed meeting till 27 november

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापिस लेने का ऐलान करते हुए किसानों से आंदोलन खत्म कर घर लौटने की अपील भी की थी लेकिन किसान वेट एंड वॉच की नीति पर चल रहे हैं।

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापिस लेने का ऐलान करते हुए किसानों से आंदोलन खत्म कर घर लौटने की अपील भी की थी लेकिन किसान वेट एंड वॉच की नीति पर चल रहे हैं। कृषि कानून की वापसी के ऐलान के बाद किसानों ने आंदोलन की दशा और दिशा पर आगे की रणनीति बनाने के लिए आज बैठक बुलाई थी। इस बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) में शामिल सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल होना था। इस बैठक को अब 27 नवंबर तक टाल दिया गया है।

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संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार लखनऊ में होने जा रही महापंचायत भी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होगी। बलबीर सिंह राजेवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 नवंबर को महापंचायत, 26 नवंबर को आंदोलन के एक साल पूरे होने पर दिल्ली की हर सीमा पर गैदरिंग के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। राजेवाल ने कहा कि 29 नवंबर को संसद मार्च के कार्यक्रम को लेकर 27 नवंबर को होने वाली बैठक में फैसला लिया जाएगा कि ट्रैक्टर मार्च निकालना है या नहीं। राजेवाल ने कहा कि हमारे जो बाकी मांगें रह गई है उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे।

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बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पीएम मोदी को लिखे जाने वाले ओपन लेटर में हम MSP समिति, इसके अधिकार, इसकी समय सीमा, इसके कर्तव्यों को लेकर लिखेंगे और इसके अलावा बिजली विधेयक 2020, किसानों पर हुए मामलों की वापसी के साथ ही हम लखमीपुर खीरी को लेकर मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने के लिए भी अपनी मांग रखेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन को लेकर कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहता। किसान 24 नवंबर की संभावित कैबिनेट मीटिंग तक इंतजार करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट की इस मीटिंग में कृषि बिल वापस लेने के फैसले को औपचारिक मंजूरी दी जा सकती है।

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बता दें कि सिखों के पहले गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहते हुए तीनों कृषि कानून वापिस लेने का ऐलान किया है कि हमारी सरकार किसानों को समझा नहीं सकी कि यह उनके हित में था। पीएम मोदी ने कहा कि इसलिए मैं तीनों कृषि कानून वापिस लेने का ऐलान करता हूं। 

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