Edited By Radhika,Updated: 07 Mar, 2026 05:35 PM

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च यानि की रविवार को T20 World Cup Final मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच होगा। फैंस इसे लेकर काफी उत्सुक है।हालांकि, मैच शुरू होने से पहले ही मैदान की 'पिच' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई...
T20 World Cup Final: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च यानि की रविवार को T20 World Cup Final मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच होगा। फैंस इसे लेकर काफी उत्सुक है।हालांकि, मैच शुरू होने से पहले ही मैदान की 'पिच' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लाल मिट्टी बनाम काली मिट्टी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फाइनल के लिए क्यूरेटर एक विशेष 'मिश्रित मिट्टी' (Mixed Soil) वाली पिच तैयार कर रहे हैं। अहमदाबाद के इस मैदान की खासियत यह है कि यहाँ लाल और काली दोनों तरह की मिट्टी की पिचें उपलब्ध हैं।
अब ऐसी खबर सामने आई है कि फाइनल की पिच में लाल मिट्टी का अनुपात अधिक रखा जा सकता है। लाल मिट्टी की पिच पर आमतौर पर गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और बल्लेबाजी आसान होती है। भारत की मजबूत बैटिंग लाइनअप को देखते हुए यह उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। वहीं काली मिट्टी की पिच धीमी होती है और टर्न लेने लगती है। इसी मिट्टी पर भारत को 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी थी।
टीम इंडिया की मैदान से जुड़ी हैं पुरानी यादें
भारतीय टीम के लिए अहमदाबाद का यह मैदान कड़वी यादें समेटे हुए है। 2023 में लगातार 10 मैच जीतने के बाद भारत इसी मैदान पर फाइनल हार गया था। हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भी काली मिट्टी की पिच पर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से करारी शिकस्त दी थी, जो भारत की इस फॉर्मेट में सबसे बड़ी हार थी। इसी 'बैड लक' और तकनीकी परेशानी को दूर करने के लिए इस बार लाल मिट्टी वाली पिच को प्राथमिकता दी जा रही है।
मैच को लेकर उत्सुक हैं फैंस
भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाकर फाइनल का टिकट पक्का किया, वहीं न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताबी जंग में जगह बनाई। इस महा-मुकाबले को लेकर फैंस में इतना जबरदस्त क्रेज है कि अहमदाबाद के लिए विशेष विमान चलाए जा रहे हैं। ICC के नियमों के अनुसार पिच तैयार करने का अंतिम फैसला उनके पास ही होता है, लेकिन मेजबान देश की परिस्थितियों का फायदा उठाना हमेशा से रणनीति का हिस्सा रहा है। अब देखना यह है कि क्या यह 'लाल मिट्टी' का दांव भारत को विश्व विजेता बना पाएगा।