Edited By Tanuja,Updated: 07 Mar, 2026 07:37 PM

नेपाल की राजनीति में युवा चेहरा बनकर उभरे रैपर से नेता बने बालेन शाह ने चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को बड़ी हार दी। सोशल मीडिया और युवाओं के समर्थन से लोकप्रिय हुए बालेन को नेपाल की नई पीढ़ी के बदलाव की राजनीति का प्रतीक माना जा...
International Desk: नेपाल की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम तेजी से उभर रहा है Balendra Shah, जिन्हें लोकप्रिय रूप से बालेन कहा जाता है। रैपर से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेन को नेपाल में नई पीढ़ी के राजनीतिक बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है। हाल ही में हुए चुनाव में उन्होंने चार बार के प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को झापा-5 सीट से लगभग 50,000 वोटों के बड़े अंतर से हराकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
युवा आंदोलन से उभरा नेतृत्व
नेपाल में पिछले साल भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ Gen-Z युवाओं के उग्र प्रदर्शनों के बाद ओली सरकार गिर गई थी। उस समय बालेन को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने का प्रस्ताव भी मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उनका कहना था कि वे चुनाव जीतकर पूर्ण कार्यकाल के लिए सरकार का नेतृत्व करना चाहते हैं।
रैप म्यूजिक से मिली पहचान
बालेन ने राजनीति में आने से पहले संगीत की दुनिया में पहचान बनाई। उनका पहला रैप गीत “Sadak Balak” 2012 में आया था। इसके बाद यूट्यूब पर उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और आज उनके चैनल के करीब दस लाख सब्सक्राइबर हैं। उनके गीतों में अक्सर सामाजिक असमानता, भ्रष्टाचार और आम लोगों की समस्याओं को उठाया जाता है, जिससे युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनी।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
काठमांडू में जन्मे बालेन ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में भारत के Visvesvaraya Technological University से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। 2018 में उन्होंने सबीना काफ्ले से विवाह किया और 2023 में उनकी एक बेटी हुई।
काठमांडू के मेयर के रूप में पहचान
2022 में बालेन ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में Kathmandu के मेयर का चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया। मेयर रहते हुए उन्होंने शहर में सफाई, कचरा प्रबंधन, सड़क सुधार और शहरी सौंदर्यीकरण जैसे कई सुधार कार्यक्रम शुरू किए। हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और कुछ विवादास्पद फैसलों को लेकर आलोचना भी हुई।
नई राजनीति बनाम पुराना सिस्टम
2026 के चुनाव में बालेन ने Rastriya Swatantra Party से जुड़कर चुनाव लड़ा और जल्द ही पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। श्लेषकों का मानना है कि जहां बालेन नेपाल के उभरते युवा नेतृत्व का प्रतीक हैं, वहीं ओली पारंपरिक राजनीति का चेहरा माने जाते हैं। यही वजह है कि इस चुनाव को नेपाल में नई बनाम पुरानी राजनीति की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।