Edited By Parveen Kumar,Updated: 07 Mar, 2026 07:16 PM

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच हो रही कार्रवाई ने क्षेत्र के कई शहरों में भारी तबाही मचाई है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच हो रही कार्रवाई ने क्षेत्र के कई शहरों में भारी तबाही मचाई है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे क्षेत्र में नए सिरे से हलचल पैदा कर दी है। उनके बयान के बाद विशेषज्ञों को आशंका है कि आने वाले समय में संघर्ष और तेज हो सकता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी सख्त चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ जल्द ही बहुत कड़ी सैन्य कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के हालिया रवैये के कारण अब उन ठिकानों और संगठनों को भी निशाना बनाने पर विचार किया जा रहा है, जो पहले हमलों की सूची में शामिल नहीं थे। इस बयान के सामने आने के बाद मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप का दावा- ईरान को झुकना पड़ा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान पर दबाव बढ़ा है। उनके मुताबिक लगातार हमलों के कारण ईरान को मध्य-पूर्व के कई देशों से माफी मांगनी पड़ी और उसने पड़ोसी देशों पर हमले न करने का भरोसा भी दिया है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि अब ईरान क्षेत्र के देशों के खिलाफ पहले की तरह आक्रामक रवैया नहीं अपना पाएगा। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों को दिया भरोसा
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने राष्ट्र के नाम प्रसारित एक टीवी संबोधन में कहा कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों से माफी भी मांगी और स्पष्ट किया कि ईरान का किसी अन्य देश पर हमला करने का इरादा नहीं है। उनके इस बयान को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।