Edited By Sahil Kumar,Updated: 22 Sep, 2026 11:58 AM

कांग्रेस ने मंगलवार को मांग की कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पूरी व्यवस्था का 'फॉरेंसिक ऑडिट' कराया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ 'सख्त कार्रवाई' कर पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाए।
नई दिल्लीः कांग्रेस ने मंगलवार को मांग की कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पूरी व्यवस्था का ''फॉरेंसिक ऑडिट'' कराया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ''सख्त कार्रवाई'' कर पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि इस मामले में अब तक ''बड़ी मछलियों'' के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई और मंदिर ट्रस्ट को भंग क्यों नहीं किया गया? रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''कांग्रेस की मांग बेहद स्पष्ट है: पूरी व्यवस्था का फॉरेंसिक ऑडिट हो, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो।'' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, ''मोदी जी, चढ़ावा भगवान श्रीराम के नाम पर आया था। जो लोग इसके प्रबंधन और प्रबंधकों को चुनने का श्रेय लेते रहे हैं, उन्हें इस चंदा चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।''
रमेश ने दावा किया कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच शुरू हुए तीन महीने पूरे होने में अब तीन दिन शेष हैं और अभी तक आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ''अगर 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ तो देश की सबसे शर्मनाक चढ़ावा चोरी के छोटे किरदारों को जमानत मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।'' रमेश ने कहा, ''हम यह स्पष्ट कर दें कि देश की जनता को ऐसी एसआईटी और ऐसी किसी सरकारी जांच पर भरोसा बिल्कुल नहीं है, जिसमें बड़ी मछलियों को बचाने की आशंका बनी हुई है।''
उन्होंने दावा किया, ''जो लोग कहते थे कि कुछ भी रिपोर्ट के लायक नहीं है, उनकी अपनी जांच अब यह मान रही है कि चढ़ावे की चोरी के 105 मामले सीसीटीवी में सामने आ चुके हैं, न कि 70, जिसे वे चाहकर भी नकार नहीं पा रहे हैं।'' कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि आरोप पत्र दाखिल होने में देरी क्यों हो रही है क्योंकि मामला बड़े चोरों और उनके संरक्षकों से ध्यान हटाने का है। उन्होंने कहा, ''अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में सुनियोजित तरीके से की गई चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को कौन और क्यों बचा रहा है?''
रमेश ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ''चुप्पी'' और चढ़ावा चोरी के आरोपियों की कथित मदद को लेकर भी ''गंभीर सवाल उठ रहे हैं।'' उन्होंने सवाल किया, ''मामले में बड़ी-बड़ी मछलियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उनसे कड़ी पूछताछ कब होगी?'' कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि ''असली दोषियों को बचाने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से कौन और क्यों बचना चाहता है? ट्रस्ट को अब तक भंग क्यों नहीं किया गया?''
उन्होंने कहा, ''हमारा मानना है कि एसआईटी के नाम पर भाजपा की डबल इंजन सरकारों द्वारा चढ़ावा चोरी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े आरोपियों को बचाने की कार्रवाई चल रही है।'' रमेश ने कहा कि सवाल सिर्फ आरोपियों का नहीं, बल्कि उन लोगों की जवाबदेही का भी है जिनकी निगरानी में यह सब हुआ। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री जी, याद रहे कि देश की आस्था से जुड़े इस गंभीर मामले पर चुप्पी के लिए आपको जवाब देना ही होगा।''