Edited By Sahil Kumar,Updated: 21 Sep, 2026 02:47 PM

कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि सितंबर, 2025 में की गई जीएसटी दरों में कटौती का उपभोग बढ़ाने पर असर 'मिला-जुला' रहा है और बढ़ती महंगाई ने कई उपभोक्ता वस्तुओं पर इस कटौती के प्रभाव को लगभग बेअसर कर दिया है।
नई दिल्लीः कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि सितंबर, 2025 में की गई जीएसटी दरों में कटौती का उपभोग बढ़ाने पर असर 'मिला-जुला' रहा है और बढ़ती महंगाई ने कई उपभोक्ता वस्तुओं पर इस कटौती के प्रभाव को लगभग बेअसर कर दिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि जीएसटी दरों में कटौती लंबे समय से लंबित थी, लेकिन इसे 'परिवर्तनकारी' और 'जादुई छड़ी' के तौर पर पेश करना अतिशयोक्ति थी।
उन्होंने कहा, ''वास्तव में, उपभोग बढ़ाने में उनका प्रभाव अधिकतम मिला-जुला रहा है। मसलन, ऑटोमोबाइल की बिक्री को फायदा हुआ, जबकि परिधान की बिक्री में ऐसा नहीं हुआ।'' कांग्रेस नेता ने कहा कि अब इस बात के भी प्रमाण सामने आ रहे हैं कि विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती के प्रभाव को तेजी से बढ़ती महंगाई बेअसर कर रही है।
उन्होंने दावा किया, ''कई उपभोक्ता वस्तुओं में कीमतें एक साल के भीतर जीएसटी कटौती से पहले के स्तर के करीब लौट गई हैं और उपभोग में कोई सार्थक बढ़ोतरी नहीं हुई है।'' रमेश ने कहा कि जीडीपी के आंकड़े सरकार को कुछ समय के लिए खुशी दे सकते हैं, लेकिन भारत की आर्थिक विकास की कहानी में कई ऐसे पहलू हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उनका कहना है, ''प्रधानमंत्री और उनके समर्थकों की ओर से इन्हें स्वीकार नहीं किया जा रहा है।'' कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि देश में सभी आय वर्गों में उपभोग की स्थिति मजबूत नहीं है, निजी निवेश में तेजी नहीं आ रही है और वास्तविक मजदूरी में गिरावट हो रही है।