मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर जयराम रमेश ने सरकार पर साधा निशाना बोले- 'दाल में कुछ काला है'

Edited By Updated: 09 Sep, 2026 06:17 PM

jairam ramesh on the delay in proroguing the monsoon session something is fishy

कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान करने में हो रही देरी पर बुधवार को सवाल उठाते हुए कहा कि ''दाल में कुछ काला है'' और सरकार ''बहुकलंकित'' दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित...

नई दिल्लीः कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान करने में हो रही देरी पर बुधवार को सवाल उठाते हुए कहा कि ''दाल में कुछ काला है'' और सरकार ''बहुकलंकित'' दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक बहुमत हासिल करने में सफल नहीं हो पाएगी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आम तौर पर संसद के दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के तीन-चार दिन बाद ही सत्रावसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि 2015 में यह अंतर 28 दिन का था और वह रिकॉर्ड जल्द ही टूट जाएगा, क्योंकि इस साल के मानसून सत्र का सत्रावसान हुए बिना ही 27 दिन बीत चुके हैं। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।

सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए रमेश ने पूछा कि क्या कोई साजिश रची जा रही है। रमेश ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''दाल में कुछ काला है। सरकार दो-तिहाई बहुमत पाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनके पास अभी भी जरूरी संख्या नहीं है और वे इस लक्ष्य को पाने से बहुत दूर हैं। वे पार्टियों को तोड़ रहे हैं, लेकिन परिसीमन विधेयक पारित कराने के लिए ''बहुकलंकित'' दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाएंगे।''

बजट सत्र के दौरान 17 अप्रैल को मोदी सरकार को एक झटका लगा, क्योंकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक निचले सदन में पारित नहीं हो सका था। सदन में, मत विभाजन में भाग लेने वाले 528 सांसदों में से 298 ने इसके समर्थन में वोट दिया, जबकि 230 ने इसका विरोध किया। विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 मतों की जरूरत थी। 
 

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