Edited By Parveen Kumar,Updated: 23 Mar, 2026 09:26 PM

पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (PWC) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई। फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया। यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश के बाद उठाया...
नेशनल डेस्क : पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (PWC) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई। फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया। यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश के बाद उठाया गया।
स्वाति मालीवाल ने उठाए सवाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में स्वाति मालीवाल ने लिखा, "इतने समय से पंजाब सरकार अपने मंत्री लालजीत भुल्लर को बचाने का प्रयास कर रही थी। आज जैसे ही संसद में गृह मंत्री ने इस केस को सीबीआई को देने की बात कही, आधे घंटे के अंदर पंजाब पुलिस ने मंत्री को अरेस्ट कर लिया।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब सरकार सीबीआई जांच से डर रही है। मंत्री की जांच हुई तो बहुत बड़े बड़े नाम सामने आयेंगे, भ्रष्टाचार खुलकर सामने आएगा, सब पता चल जाएगा पैसा कहां-कहां तक पहुंच रहा है। पंजाब में भ्रष्टाचार कंट्रोल से बाहर है। ये केस निष्पक्ष जाँच के लिए सीबीआई को ट्रांसफर होना चाहिए।"
21 मार्च को हुई थी अधिकारी की मौत
गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। रंधावा की मौत के पीछे पूर्व मंत्री भुल्लर पर मानसिक दबाव और प्रताड़ना के आरोप लगे थे।
वीडियो आने के बाद मामला हुआ गंभीर
मामले में नया मोड़ तब आया जब आत्महत्या से पहले बनाया गया एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में रंधावा ने कथित तौर पर अपनी परेशानी के लिए पूर्व मंत्री का नाम लिया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और भुल्लर पर उत्पीड़न, धमकी और दबाव बनाने के आरोप लगाए।
परिजनों का विरोध और अल्टीमेटम
रंधावा की पत्नी ने सरकार पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। परिजनों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बच्चों के साथ सड़कों पर उतरेंगे।
गिरफ्तारी के बाद सियासी माहौल गरम
पुलिस ने परिजनों की शिकायत और जांच में मिले सबूतों के आधार पर पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर बयानबाजी जारी है।