Edited By Pardeep,Updated: 24 Mar, 2026 01:52 AM

सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के तत्कालीन निजी सचिव संजीव हंस के खिलाफ 2019 में मुंबई स्थित एक रियल एस्टेट कारोबारी से राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) से रियायतें दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के...
नेशनल डेस्कः सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के तत्कालीन निजी सचिव संजीव हंस के खिलाफ 2019 में मुंबई स्थित एक रियल एस्टेट कारोबारी से राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) से रियायतें दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के संदेह में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी प्राथमिकी में रियल एस्टेट कंपनी आरएनए कॉर्पोरेशन में काम करने वाले हंस के कथित दोस्त विपुल बंसल का भी नाम शामिल किया है।
कंपनी के प्रमोटरों में से एक अनुभव अग्रवाल और इसकी सहयोगी कंपनी ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स सहित अन्य लोगों को भी कथित रिश्वतखोरी के मामले में नामजद किया है। टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर हंस के वकील चंगेज खान ने सीबीआई के आरोपों को "झूठा और निराधार" बताया। पासवान उस समय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री थे।