JPSC विवाद: छात्र आंदोलन के आगे झुकी सरकार, परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर बातचीत के लिए बुलाया

Edited By Updated: 06 Aug, 2026 06:26 PM

government bows to student protest calls for talks on irregularities in examina

झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि उन्होंने सरकार के साथ बातचीत करके मुद्दे के समाधान के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है। यह फैसला...

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि उन्होंने सरकार के साथ बातचीत करके मुद्दे के समाधान के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है। यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक दिन पहले दिए गए उस बयान के बाद लिया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार के दरवाजे प्रदर्शनकारियों के लिए खुले हैं।

'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले 25 जुलाई को यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ यह प्रदर्शन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है। मंच के एक पदाधिकारी ने कहा, ''सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के जवाब में हमने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है जिसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ (पत्रकार) और एक अधिवक्ता शामिल हैं।

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों की भी मांग की है। 

मंच के पदाधिकारी ने कहा, ''पत्रकारों और अधिवक्ता की भूमिका केवल मार्गदर्शन देने तक सीमित होगी, क्योंकि हम इस मुद्दे का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए चाहते हैं।'' सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या एक राष्ट्रीय मुद्दा है और गतिरोध दूर करने के लिए प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रस्ताव दिया था। 
 

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