Edited By Ramkesh,Updated: 16 Jul, 2026 03:50 PM

भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में सख्त कानून और जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद कई सरकारी अधिकारी अवैध संपत्ति जुटाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही ताजा मामला तेलंगाना से सामने आया है। जिसने सभी हो हैरान कर दिया है। यहां मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट...
नेशनल डेस्क: भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में सख्त कानून और जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद कई सरकारी अधिकारी अवैध संपत्ति जुटाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही ताजा मामला तेलंगाना से सामने आया है। जिसने सभी हो हैरान कर दिया है। यहां मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने किया है।
तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनके और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। ACB के अनुसार, दस्तावेजों के आधार पर बरामद संपत्तियों का मूल्य करीब 9.24 करोड़ रुपये है, जबकि मौजूदा बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुपात से कहीं अधिक है।
10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
ACB की सिटी रेंज-1 टीम ने मंगलवार को बी. रविंदर के आवास, कार्यालय और उनके रिश्तेदारों, करीबी सहयोगियों तथा कथित बेनामी व्यक्तियों से जुड़े कुल 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए।
ये संपत्तियां मिली
तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो की छापेमारी में कोंडाकल, किस्मतपुर और पासामाला में 5 खाली प्लॉट, नरसिंगी और नानकरामगुडा में 4 आवासीय फ्लैट, कोथुर मंडल और शमशाबाद के गुडूर गांव में करीब 4 एकड़ कृषि भूमि, शंकरपल्ली मंडल के मोकिला स्थित श्रीवारी मीडोज में एक सेमी-फिनिश्ड विला, कोंडापुर (मस्जिद बांदा) में एक व्यावसायिक/आवासीय भवन, 3.82 लाख रुपये नकद, 45.05 लाख रुपये के बैंक डिपॉजिट, 1,440 ग्राम सोने के आभूषण, 12.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण, करीब 17.24 लाख रुपये मूल्य का घरेलू सामान जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान ये संपत्तियां और कीमती सामान सामने आए है।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप
ACB का आरोप है कि बी. रविंदर ने सरकारी सेवा के दौरान अपनी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी आधार पर उनके खिलाफ Disproportionate Assets (DA) का मामला दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसी अधिकारी की वैध आय और उसके स्वामित्व वाली संपत्तियों का मिलान करती है। यदि संपत्ति का वैध स्रोत नहीं मिलता, तो इसे आय से अधिक संपत्ति का मामला माना जाता है।
जांच होगी और गहराई से
ACB ने बी. रविंदर को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड की मांग की है। साथ ही उनके बैंक खातों, निवेश, कथित बेनामी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।