इंस्टाग्राम पर रील देखने के बाद टेलीग्राम के जरिए ट्रेनिंग, कम कमाई के कारण सब्जी विक्रेता छापने लगा 100 और 500 के नकली नोट

Edited By Updated: 01 Oct, 2026 10:32 AM

gujarat vegetable vendor in rajkot reportedly turned to counterfeit currency

यहां एक सब्जी बेचने वाले ने इंस्टाग्राम पर रील देखने और उसके बाद टेलीग्राम के जरिए ट्रेनिंग लेने के बाद नकली नोट छापने का काम शुरू किया। राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने उसके घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया और 65,500...

राजकोट (गुजरात) : यहां एक सब्जी बेचने वाले ने इंस्टाग्राम पर रील देखने और उसके बाद टेलीग्राम के जरिए ट्रेनिंग लेने के बाद नकली नोट छापने का काम शुरू किया। राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने उसके घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया और 65,500 रुपए कीमत के नकली नोट और उपकरण जब्त किए। राजकोट DCP (क्राइम) जगदीश बांगरवा ने बताया कि आरोपी किशन सोलंकी, मंडाडुंगर इलाके के एक घर में 100 और 500 रुपए के नकली नोट छाप रहा था। खास जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच और SOG की एक संयुक्त टीम ने घर पर छापा मारा और सोलंकी को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से 100 रुपए के 216 नकली नोट और 500 रुपए के तीन नकली नोट बरामद किए। 

पुलिस ने एक CPU, मॉनिटर, दो प्रिंटर, एक लैमिनेटर हीटर मशीन, बटर पेपर और 100 रुपये के नोट छपे हुए कागज भी ज़ब्त किए। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 65,500 रुपए आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में सोलंकी ने पुलिस को बताया कि वह सब्जी बेचने का काम करता था और कम कमाई के कारण उस पर कर्ज हो गया था। पुलिस के अनुसार, सोलंकी को इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल करते समय एक रील दिखी जिसमें दिखाया गया था कि 100 और 500 रुपए के नकली नोट कैसे बनाए जा सकते हैं। उसने उस अकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति से संपर्क किया और बाद में टेलीग्राम के जरिए उससे बातचीत की। 

पुलिस ने बताया कि सोलंकी ने टेलीग्राम पर हुई बातचीत के जरिए नकली नोट छापना सीखा। आरोपी ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने ट्रेनर को 10,000 रुपए कीमत के नकली नोट दिए, जिसके बदले ट्रेनर ने उसे 3,000 रुपए दिए। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने कथित तौर पर ट्रेनिंग दी थी और मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। 

बाजार में नकली नोट चलाए 

जांच में यह भी पता चला है कि सोलंकी ने कथित तौर पर नकली नोट थोक में नहीं बेचे। उसने पुलिस ने बताया कि उसने अलग-अलग जगहों पर छोटी-छोटी खरीदारी करते समय खुद ही नोट चलाए। शुरुआती जांच के मुताबिक सोलंकी ने पिछले चार-पांच महीनों में 100 रुपए के करीब 40 नकली नोट चलाए थे। पुलिस ने बताया कि उसने खास तौर पर हाल ही में हुए जन्माष्टमी मेले में छोटी-मोटी खरीदारी करते हुए नकली नोट चलाए। जांच करने वालों का मानना ​​है कि आरोपी ने 100 रुपए के नोट इसलिए चुने क्योंकि छोटे लेन-देन पर दुकानदार कम ध्यान देते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सोलंकी ने अब तक कितने नोट छापे थे और उन्हें कहां-कहां चलाया था।

तीन दिन की पुलिस रिमांड 

अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान जांच करने वाले सोलंकी से पूछताछ करेंगे कि उसने कितने नकली नोट छापे और चलाए, प्रिंटिंग का सामान कहां से मिला और जिस व्यक्ति ने उसे ट्रेनिंग दी थी, उससे उसकी क्या बातचीत हुई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नकली नोट छापने और चलाने के इस काम में कोई और भी शामिल था और क्या सोलंकी के चलाए नकली नोट राजकोट के दूसरे इलाकों तक भी पहुंचे थे।

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