फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर का सामने आया नया VIDEO

Edited By Updated: 01 Oct, 2026 01:45 PM

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दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई एक सनसनीखेज घटना ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है। उड़ान के दौरान  Co-pilot ने मेन पायलट पर चाकू से हमला कर विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के...

नई दिल्ली:  दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई एक सनसनीखेज घटना ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है। उड़ान के दौरान  Co-pilot ने मेन पायलट पर चाकू से हमला कर विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय Captain Smit Machchhar ने अपनी सूझबूझ और साहस से को-पायलट का मुकाबला किया। क्रू मेंबर्स और यात्रियों की मदद से विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया गया, जिससे 174 यात्रियों की जान बच गई। इस साहसिक घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर के जीवन और उनके पुराने इंटरव्यू के अंश सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।

एक पुराने पॉडकास्ट (Bonafide Banter with Zalak Mehta) में कैप्टन स्मित ने खुलासा किया था कि विमान उड़ाना उनका बचपन का सपना नहीं था। उन्होंने सबसे पहले टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला लिया। मैनेजमेंट पढ़ाई के दौरान उन्होंने एक एविएशन सेमिनार में हिस्सा लिया, जहां से उनकी दिलचस्पी फ्लाइंग में जागी। उनकी माँ इस फ़ैसले को लेकर थोड़ी चिंतित थीं, लेकिन पिता ने पूरा हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने न्यूज़ीलैंड जाकर लगभग 16 से 17 लाख रुपये के खर्च में अपनी पायलट ट्रेनिंग पूरी की।

13 साल का लंबा अनुभव और 9,750 घंटे की उड़ान
कैप्टन स्मित मच्छर का एविएशन करियर बेहद शानदार और अनुशासित रहा है,  साल 2011 में वह SpiceJet से जुड़े, जहां उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम किया। जून 2022 में वह 'डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन' के रूप में Flydubai में शामिल हुए। उनके पास 13 साल से ज़्यादा का अनुभव और बोइंग 737 एयरक्राफ्ट पर 9,750 से अधिक घंटे उड़ाने का रिकॉर्ड है।

संकट के समय यात्रियों और क्रू का भरोसा जीतना
पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि जब विमान में कोई खराबी या देरी होती है, तो पायलट कैसे हालात संभालते हैं। "जब यात्री परेशान हों, तो कॉकपिट में बंद बैठकर कॉफी पीने से बेहतर है कि आप उनके साथ सीधा संवाद बनाए रखें। जब मैं कैप्टन बना, तो मेरी आदत रही कि मैं PA सिस्टम (माइक) के ज़रिए यात्रियों से बात करता रहूं। कॉकपिट से कैप्टन की आवाज़ सुनकर यात्रियों को भरोसा मिलता है।" उन्होंने यह भी कहा कि क्रू मेंबर्स अक्सर दबाव में काम करते हैं और यात्रियों को आपात स्थिति में उनका सम्मान और सहयोग करना चाहिए।

कॉकपिट में क्या हुआ था?
गौरतलब है कि इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के दौरान सह-पायलट ने अचानक हमला कर दिया। हमले के कारण विमान की ऊंचाई तेज़ी से कम होने लगी थी। लेकिन कैप्टन स्मित ने खुद को और विमान को संभाला। बाद में संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया और घटना की गहन जांच जारी है।

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