ज्यादा खुशी भी पड़ सकती है दिल पर भारी! सामने आया 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह

Edited By Updated: 22 Jul, 2026 12:56 PM

happy heart syndrome  revealed in new research

ऑक्सफोर्ड मेडिकल केस रिपोर्ट में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने दिल की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाला तथ्य सामने रखा है। आमतौर पर तनाव, दुख या सदमे को हृदय संबंधी समस्याओं का कारण माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक खुशी भी कुछ लोगों...

नेशनल डेस्क : ऑक्सफोर्ड मेडिकल केस रिपोर्ट में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने दिल की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाला तथ्य सामने रखा है। आमतौर पर तनाव, दुख या सदमे को हृदय संबंधी समस्याओं का कारण माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक खुशी भी कुछ लोगों में दिल पर गंभीर असर डाल सकती है। इस दुर्लभ स्थिति को 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' या चिकित्सकीय भाषा में टाकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी (Takotsubo Cardiomyopathy) कहा जाता है।

क्या है हैप्पी हार्ट सिंड्रोम?
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति बेहद खुशी या गहरे भावनात्मक झटके का अनुभव करता है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कैटेकोलामाइन) का स्तर अचानक बढ़ जाता है। हार्मोन का यह तेज़ उछाल दिल की मांसपेशियों को कुछ समय के लिए कमजोर कर सकता है, जिससे हृदय की पंपिंग क्षमता प्रभावित होती है।

अगर यही स्थिति किसी दुखद घटना, शोक या सदमे के कारण होती है तो इसे 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम' कहा जाता है, जबकि शादी, जन्मदिन, किसी बड़ी उपलब्धि या लंबे समय बाद प्रियजनों से मिलने जैसी अत्यधिक खुशी की वजह से होने पर इसे 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' कहा जाता है।

हार्ट अटैक जैसे दिखते हैं इसके लक्षण
इस सिंड्रोम के लक्षण अक्सर हार्ट अटैक से मिलते-जुलते होते हैं। मरीज को अचानक सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और घबराहट महसूस हो सकती है। हालांकि जांच के दौरान कई मामलों में दिल की धमनियों में कोई रुकावट नहीं मिलती, लेकिन दिल की मांसपेशियों के काम करने के तरीके में अस्थायी बदलाव दिखाई देता है।

समय पर इलाज से पूरी तरह हो सकती है रिकवरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर पहचान और उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं। अध्ययन में शामिल मरीजों की भी इलाज के बाद सामान्य स्थिति में वापसी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार इस सिंड्रोम के लक्षण ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम की तुलना में अपेक्षाकृत हल्के हो सकते हैं।

एक केस जिसने डॉक्टरों को चौंकाया
रिपोर्ट के अनुसार 65 वर्षीय एक महिला को बेटी की शादी के कुछ दिन बाद अचानक सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी हुई। शुरुआत में इसे हार्ट अटैक समझा गया, लेकिन जांच में दिल की धमनियां सामान्य मिलीं। हालांकि, दिल का बायां हिस्सा अस्थायी रूप से प्रभावित पाया गया, जिसके कारण रक्त पंप करने में दिक्कत हो रही थी। समय पर इलाज मिलने से महिला पूरी तरह स्वस्थ हो गई।

कैसे रखें दिल का ख्याल?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि सीने में दर्द, सांस फूलना या अचानक बेचैनी महसूस हो तो इसे हल्के में न लें और तुरंत ईसीजी सहित आवश्यक जांच कराएं। भावनात्मक उतार-चढ़ाव के दौरान खुद को शांत रखने की कोशिश करें। नियमित योग, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच दिल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


 

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