शादी में थे जज साहब, सुनवाई के लिए मद्रास हाईकोर्ट में आया केस; Whatsapp पर हुई सुनवाई, जानें क्या है पूरा मामला?

Edited By Yaspal, Updated: 16 May, 2022 06:43 PM

hearing on whatsapp know what is the whole matter

मद्रास हाईकोर्ट के इतिहास में पहली बार न्यायाधीश ने किसी मामले की सुनवाई ‘वॉट्सऐप'' के जरिए और वह भी रविवार को की। न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन रविवार को एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए नागरकोइल गये थे। उन्होंने वहीं से इस मामले की सुनवाई की

नेशनल डेस्कः मद्रास हाईकोर्ट के इतिहास में पहली बार न्यायाधीश ने किसी मामले की सुनवाई ‘वॉट्सऐप' के जरिए और वह भी रविवार को की। न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन रविवार को एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए नागरकोइल गये थे। उन्होंने वहीं से इस मामले की सुनवाई की, जिसमें श्री अभीष्ट वरदराजा स्वामी मंदिर के वंशानुगत न्यासी पी आर श्रीनिवासन ने दलील दी थी कि यदि सोमवार को उनके गांव में प्रस्तावित रथ महोत्सव आयोजित नहीं किया गया तो गांव को ‘दैवीय प्रकोप' का सामना करना पड़ेगा।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश के आरंभिक वाक्य में कहा, ‘‘रिट याचिकाकर्ता की इस उत्कट प्रार्थना की वजह से मुझे नागरकोइल से आपात सुनवाई करनी पड़ी है और वॉट्सऐप के माध्यम से मामले की सुनवाई की जा रही है।'' इस सत्र में न्यायाधीश नागरकोइल से मामले की सुनवाई कर रहे थे, याचिकाकर्ता के वकील वी राघवाचारी एक स्थान पर थे और महाधिवक्ता आर षणमुगसुंदरम शहर में दूसरी जगह से इसमें भाग ले रहे थे। यह विषय धर्मपुरी जिले के एक मंदिर से जुड़ा हुआ है।

न्यायाधीश ने कहा कि हिंदू धार्मिक और परमार्थ विभाग से संबद्ध निरीक्षक को मंदिर प्रशासन एवं न्यासी को रथयात्रा रोकने का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने इस आदेश को खारिज कर दिया। इस मामले में महाधिवक्ता ने न्यायाधीश से कहा कि सरकार को महोत्सव के आयोजन से कोई दिक्कत नहीं है। सरकार की एकमात्र चिंता आम जनता की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की वजह से तंजौर जिले में हाल में ऐसी ही एक रथयात्रा में बड़ा हादसा हो गया था।

न्यायाधीश ने मंदिर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर के महोत्सवों के आयोजन के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित नियम एवं शर्तों का कड़ाई से पालन किया जाए। साथ ही, सरकारी विद्युत वितरक कंपनी टैनगेडको रथयात्रा शुरू होने से लेकर इसके गंतव्य तक पहुंचने तक कुछ घंटे के लिए क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति काट देगी। तंजौर के पास पिछले महीने एक मंदिर का रथ शोभायात्रा के दौरान हाईटेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गया था। इस हादसे में 11 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गयी तथा 17 अन्य घायल हो गये।

Related Story

India

179/5

20.0

South Africa

131/10

19.1

India win by 48 runs

RR 8.95
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!