Edited By Ramkesh,Updated: 06 Jul, 2026 02:42 PM

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश देने की मांग की थी।
नेशनल डेस्क: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश देने की मांग की थी।
हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं
राज्य सरकार की ओर से एएजी विनोद शाही और सीएससी शैलेंद्र सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं, सरकार की ओर से दलील दी गई कि इसी विषय से जुड़ी याचिका पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। सरकार ने कहा कि ऐसे में हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी।
चंपत राय के भविष्य समेत कई मुद्दों पर होगी आज चर्चा
आप को बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को अयोध्या में आयोजित होगी। राम जन्मभूमि परिसर स्थित गेस्ट हाउस में होने वाली इस बैठक में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित एसआईटी की रिपोटर्, ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था, प्रशासनिक बदलाव और महासचिव चंपत राय के भविष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
एसआईटी की रिपोटर् पर विचार-विमर्श
पहले यह बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से बैठक का स्थान बदलकर राम जन्मभूमि मंदिर परिसर कर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे। ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि बैठक की सूचना सभी सदस्यों को दे दी गई है। वरिष्ठ सदस्य के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद और कथित अनियमितताओं के मामले में एसआईटी की रिपोटर् पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा, प्रशासनिक सुधार और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी।
इस्तीफे को लेकर हो सकता है फैसला
बैठक का सबसे अहम मुद्दा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का भविष्य माना जा रहा है। चंपत राय दशकों से राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख संगठनात्मक चेहरों में रहे हैं और मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चढ़ावा विवाद के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया था, हालांकि ट्रस्ट ने अभी तक उस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आज की बैठक में उनके इस्तीफे पर भी फैसला हो सकता है।
ट्रस्ट की इस बैठक पर देश की नजरें
बैठक में राम मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को और प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं। इनमें तीन पदेन सदस्य अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद तथा केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे शामिल हैं। ट्रस्ट की इस बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले फैसले राम मंदिर ट्रस्ट की आगे की कार्यप्रणाली और विवादों के समाधान की दिशा तय कर सकते हैं।