Edited By Ramkesh,Updated: 29 Jun, 2026 05:59 PM

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। इस मुद्दे को लेकर सहारनपुर पहुंचे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर करोड़ों की लूट हुई है। वहीं,...
नेशनल डेस्क: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। इस मुद्दे को लेकर सहारनपुर पहुंचे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर करोड़ों की लूट हुई है। वहीं, उत्तराखंड में पीड़ितों से मिलने से रोके जाने पर उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार पर जुबानी हमला बोला।
इनकम टैक्स और सीबीआई को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए
दरअसल, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद शब्बीरपुर कांड की सुनवाई के सिलसिले में एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंचे थे। पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बीजेपी सरकार पर तीखे सवाल उठाए। चंद्रशेखर ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर लोगों की आस्था से जुटाए गए धन में कथित लूट हुई है और इस पूरे मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि यदि इतने बड़े स्तर पर नाम सामने आ रहे हैं तो ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई जैसी एजेंसियों को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को उत्तराखंड पुलिस ने रोका
वहीं उत्तराखंड में टिहरी जिले के बहुचर्चित केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रविवार को हरिद्वार के शंकराचार्य चौक पर पुलिस ने रोक दिया। आजाद टिहरी जनपद स्थित केतन के गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात करने और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाने के लिए रवाना हुए थे। लेकिन हरिद्वार पहुंचने पर पुलिस ने शंकराचार्य चौक पर उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
सांसद ने जताई नाराजगी
काफिला रोके जाने की सूचना मिलते ही आजाद समाज पार्टी के समर्थकों की बड़ी संख्या मौके पर जुट गई। समर्थकों ने पुलिस की इस पर नाराजगी जताई और सांसद को आगे जाने देने की मांग की। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। फिलहाल सांसद चंद्रशेखर आजाद को आगे जाने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को तानाशाही कारार दिया है।