हनी ट्रैप की 'क्वीन' श्वेता जैन फिर गिरफ्तार: कारोबारी से मांगे 1 करोड़, पुलिसकर्मियों से सांठगांठ का खुलासा

Edited By Updated: 19 May, 2026 10:55 PM

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मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप कांड की मुख्य आरोपी रही श्वेता जैन एक बार फिर सलाखों के पीछे है। वर्ष 2018 में नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को जाल में फंसाने वाली श्वेता ने अब इंदौर के एक बड़े शराब कारोबारी को अपना शिकार बनाया है।

नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप कांड की मुख्य आरोपी रही श्वेता जैन एक बार फिर सलाखों के पीछे है। वर्ष 2018 में नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को जाल में फंसाने वाली श्वेता ने अब इंदौर के एक बड़े शराब कारोबारी को अपना शिकार बनाया है। क्राइम ब्रांच ने इस सनसनीखेज ब्लैकमेलिंग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए श्वेता को भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी से दबोचा है।

अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे करोड़ों
पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से रईस कारोबारियों को अपने जाल में फंसाता था। इंदौर के शराब कारोबारी जितेन्द्र ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई कि गिरोह के सदस्यों ने पहले उनसे दोस्ती की, विश्वास जीता और फिर उनकी निजी बातचीत और वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर लिए। इन अश्लील फोटो और वीडियो के आधार पर उनसे एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने सामग्री सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी दी थी।

पुलिसकर्मी भी गिरोह में शामिल, अलका दीक्षित थी 'मास्टरमाइंड'
इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा होने पर चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं:

  • मुख्य ऑपरेटर: गिरोह का संचालन भोपाल की श्वेता जैन और इंदौर की अलका दीक्षित मिलकर कर रही थीं। अलका इस पूरे नेटवर्क की मुख्य संचालक की भूमिका में थी।
  • गिरफ्तार साथी: पुलिस ने अलका के बेटे, उसके सहयोगी लाखन पटेल और श्वेता जैन को गिरफ्तार किया है।
  • खाकी पर दाग: इंदौर में तैनात पुलिसकर्मी विनोद शर्मा की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है कि वह इस गिरोह को कैसे संरक्षण दे रहा था।

डिजिटल सबूतों से खुलेगा राज, ड्रग्स कनेक्शन की भी आशंका
क्राइम ब्रांच ने छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि एक बड़ा संगठित अपराध नेटवर्क है, जिसमें ड्रैग्स और ब्लैकमेलिंग के गहरे तार जुड़े हो सकते हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने और कितने बड़े शिकार किए हैं।

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