Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 Apr, 2026 10:56 PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव अभियान की शुरुआत की। उन्होंने राज्य में लोगों के आशीर्वाद से अपनी पार्टी के जीत की 'हैट्रिक' लगाने का भरोसा जताया। साथ ही कहा कि कांग्रेस असम चुनाव में "हार का शतक"...
नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव अभियान की शुरुआत की। उन्होंने राज्य में लोगों के आशीर्वाद से अपनी पार्टी के जीत की 'हैट्रिक' लगाने का भरोसा जताया। साथ ही कहा कि कांग्रेस असम चुनाव में "हार का शतक" लगाएगी। मोदी ने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस असम में सत्ता में आई तो वह घुसपैठियों की रक्षा के लिए कानून लाएगी, लेकिन भाजपा और उसके सहयोगी ऐसा होने नहीं देंगे।
मोदी ने अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत डिब्रूगढ़ जिले के मनोहारी चाय बागान के दौरे से की, जहां उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ चाय की पत्तियां तोड़ीं और उनसे बातचीत की। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "चाय असम की आत्मा है! यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाई है। मैं आज सुबह डिब्रूगढ़ में एक चाय बागान में गया और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।" असम में अगले हफ्ते मतदान से पहले मोदी के एक चाय बागान का दौरा करने के अहम निहितार्थ हैं, क्योंकि राज्य के 850 से ज्यादा चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिक एक बड़ा 'वोट बैंक' हैं।
चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिक पारंपरिक रूप से दशकों तक कांग्रेस के पक्ष में वोट देते आए थे, लेकिन 2014 के संसदीय चुनावों के बाद से भाजपा की ओर उनका झुकाव काफी बढ़ गया है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में उनके वोटों ने भाजपा को चाय बागानों वाले निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक जीत दिलाई है। मोदी ने धेमाजी जिले के गोगामुख में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य "बहुसंख्यक समुदाय को अल्पसंख्यक में बदलना और घुसपैठियों का एक स्थायी वोट बैंक बनाना" है। उन्होंने दावा किया कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने "केंद्र में एक कानून लाने की कोशिश की थी", लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने उसका विरोध किया था।
मोदी ने कांग्रेस पर देश को "उसी तरह बांटने" का आरोप लगाया, जैसा "विभाजन के दौरान मुस्लिम लीग ने किया" था। प्रधानमंत्री ने कहा, "कांग्रेस ने बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान को भी आघात पहुंचाया है।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस के लिए दो परिवार हैं-एक दिल्ली में और दूसरा असम में तथा उनकी प्राथमिकता लोगों का हित नहीं, बल्कि अपने परिवारों का हित है।" मोदी का इशारा गांधी परिवार और कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई के परिवार की ओर था।
बिस्वनाथ जिले के बेहाली में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने "असम के संसाधनों के साथ न्याय नहीं किया", जबकि "भाजपा राज्य की विविध संपदा का इस्तेमाल उसके विकास के लिए कर रही है।" उन्होंने कांग्रेस पर "विकास-विरोधी" और "भ्रष्टाचार की जननी" होने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने असम की 'आत्मा', 'शान', 'पहचान' और 'सुरक्षा' के साथ समझौता किया है।" प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह घुसपैठियों को "राज्य के विभिन्न जिलों में सत्रों, नामघरों और मंदिरों की जमीनों पर बसने के लिए उकसा रही है, ताकि एक 'वोट बैंक' बनाया जा सके।" उन्होंने कहा, "भाजपा ने इस सिलसिले में कार्रवाई की है और कब्जा की गई जमीन को अवैध प्रवासियों के चंगुल से मुक्त करा रही है।"
मोदी ने कहा, "कांग्रेस का भ्रष्टाचार कई क्षेत्रों में फैल गया, जिसके कारण वन भूमि और अभयारण्यों पर अतिक्रमण हुआ तथा एक सींग वाले गैंडे का अस्तित्व संकट में आ गया। लेकिन भाजपा की 'डबल-इंजन' सरकार ने कड़ी कार्रवाई की और स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया।" प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर चाय बागान के मजदूरों को मकान बनाने के लिए भूमि अधिकार न देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, "असम में चाय उद्योग 200 साल पुराना है। कांग्रेस 60 साल से भी ज्यादा समय तक सत्ता में रही। पार्टी ने चाय बागान के मजदूरों को उनके बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करने पर मजबूर किया, लेकिन भाजपा इस गलती को सुधार रही है।"
मोदी ने कहा कि भाजपा ने चाय बागान के श्रमिकों को भूमि अधिकार देना शुरू कर दिया है, जो "कांग्रेस 60 वर्षों में नहीं दे पाई।" उन्होंने कहा कि अगर भाजपा असम में फिर से सत्ता में आई तो वह "राज्य की पहचान की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेगी और छठी अनुसूची के तहत जनजातीय समुदायों की सुरक्षा करेगी।" मोदी ने दावा किया, "भाजपा के 10 साल के शासन ने असम में 'सेवा' और 'सुशासन' के नये दौर की शुरुआत की है।" उन्होंने कहा कि सभी लोग कह रहे हैं कि केवल भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ही असम में आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने 60-65 वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल तीन पुल बनाए, जबकि "भाजपा ने दस वर्षों में पांच पुल का निर्माण किया, जिससे लोगों के लिए जीवन और रोजी-रोटी कमाना बहुत आसान हो गया।" उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि असम में संसाधनों की कमी है, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता की अपनी चाह में असमिया समाज को बांटा और ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों तटों के लोगों को मिलने नहीं दिया। राजग सरकार ने उनके दर्द और मुश्किलों को समझा तथा पुल बनाने की पहल की।" मोदी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सुबनसिरी पनबिजली परियोजना असम को बाढ़ से बचाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में असम को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए करीब 1,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की है।
मोदी ने कहा कि दुनिया असम को उसकी चाय के लिए जानती है, लेकिन अब यह राज्य जागीरोड इकाई में बनने वाली सेमीकंडक्टर चिप के लिए भी जाना जाएगा। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भाजपा के शासन में पिछले 10 साल में 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी 15 लाख और परिवारों को ऐसे मकान देने की गारंटी देती है। मोदी ने कहा कि भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार सुनिश्चित करेगी कि 'लखपति' महिलाओं की संख्या तीन लाख से बढ़कर 40 लाख हो जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों को 'विकास' और 'विरासत' के लिए वोट देना चाहिए।" उन्होंने यह सुनिश्चित करने की गारंटी दी कि असम और प्रगति करे। मोदी ने कहा, "भाजपा लोगों के आशीर्वाद से असम चुनाव में जीत की 'हैट्रिक' जड़ेगी, जबकि कांग्रेस चुनावों में हार का शतक लगाएगी।" असम की 126 विधानसभा सीट के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती चार मई को की जाएगी।